न्यूजप्रिंट से GST हटाने को लेकर न्यूजपेपर्स फेडरशन ने दिया राज्यपाल को ज्ञापन

0
305
लखनऊ, 27 मार्च । केन्द्र सरकार द्वारा न्यूजप्रिंट पर लागू किये गये जीएसटी से देश के लगभग सभी लघु एवं मध्यम समाचार पत्र बंदी की कगार पर पहुॅच गये है। इतना ही नही यदि न्यूजप्रिंट से जीएसटी मुक्त नही किया गया तो देश के लगभग एक लाख से भी ज्यादा पत्रकार बेरोजगार हो जायेंगे। क्योंकि अखबार नही रहेगा तो पत्रकार नही रहेगा, इसी समस्या को ध्यान में रखकर आज आल इण्डिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष हेमन्त मैथिल के नेतृत्व में पत्रकारों एवं प्रकाशकों का एक प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक से मिलकर, उनको जीएसटी से समाचार पत्रों को होने वाली समस्याओं से अवगत कराया तथा न्यूजप्रिंट से जीएसटी हटाने के लिये ज्ञापन दिया।
संगठन द्वारा दिये गये ज्ञापन महामहिम राज्यपाल श्री रामनाईक जी ने आश्वासन दिया कि वह प्रकरण पर गम्भीरता से विचार करते हुए केन्द्रीय वित्तमंत्री श्री अरूण जेटली जी को अखबारी कागज को जीएसटी से मुक्त करने के हेतु अपनी संस्तुति सहित पत्र भेजेंगे।
आल इण्डिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फैडरेशन की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष हेमन्त मैथिल के नेतृत्व में श्री राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधि मण्डल में संगठन के महासचिव अशोक नवरत्न, सचिव नीरज श्रीवास्तव, सचिव संजय शर्मा, आई एफ डब्ल्यू जे के मण्डल अध्यक्ष शिवशरण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र गौतम एवं आईएफडब्ल्यूजे के मण्डलीय सचिव के, विश्वदेव राव शामिल थे। मुलाकात के दौरान राज्यपाल श्री रामनाईक ने शिवशरण सिंह द्वारा प्रकाशित पत्रिका गांव देश के विशेषांक का विमोचन भी किया। साथ ही फैडरेशन ने समाचार पत्रों एवं पत्रकारों को होने वाली विज्ञापन एवं प्रेसमान्यता जैसी समस्याओं को लेकर राज्यपाल महोदय को एक और ज्ञापन दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले वित्तमंत्री अरूण जेटली, उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल को भी न्यूजप्रिंट से जीएसटी हटाने की मांग को लेकर आल इण्डिया स्माल एवं मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन ज्ञापन दे चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here