संपादकों ने घरेलू सेवक को प्रेस काउंसिल के लिये चुना, अध्यक्ष न्यायमूर्ति ने जांच बैठाई

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अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रसाद ने जांच बैठाई

नई दिल्ली, 03 फरवरी। नामी गिरामी संपादको ने (अंग्रेजी भाषा के भी) एक निजी परिचारक को अपना प्रतिनिधि बनाकर तेरहवीं प्रेस काउंसिल हेतु नामित किया है। मीडिया जगत मे इस अजूबे को प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सी. के. प्रसाद ने जांच हेतु रोक लिया है। इन गरिष्ठ एवं वरिष्ठ प्रधान संपादकों में दि ट्रिब्यून के समूह संपादक तथा इण्डिया टुडे के पूर्व संपादक राज चेंगप्पा जो एडिटर्स गिल्ड के अध्यक्ष तथा उनके महासचिव एवं भास्कर (नागपुर) के संपादक प्रकाश दुबे हैं। आल इण्डिया न्यूजपेपर्स (AINEC) कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष रमेश गुप्ता तथा हिन्दी समाचार पत्र सम्मेलन के शीतला सिहं (फैजाबाद) हैं।

मनोनीत व्यक्ति का नाम है जुनैद अहमद जिसका पत्रकारिता से कभी कोई नाता नही रहा। वह संपादक उत्तमचन्द्र शर्मा का निजी सहायक रहा है। शर्मा ने अहमद को बिजनौर से प्रकाशित स्थानीय सांध्य हिन्दी दैनिक “चिगांरी” का मुज़फ्फरनगर में समाचार संपादक बनवाया है। तथ्य यह है कि मुज़फ्फरनगर में न तो चिंगारी का प्रकाशन होता है। न वहां कोई कार्यालय या संस्करण है। जहां कोई भी संपादकीय कर्मी है, तो वहां समाचार संपादक किस बात का? अटैची ढोने हेतु? उत्तमचन्द शर्मा संपादक है मुजफरानगर बुलेटिन के, जिसकी प्रकाशक तथा मालकिन का नाम है श्रीमती लाजवंती उत्तमचन्द्र शर्मा।

शर्मा 15 वर्षो से प्रेस कांउसिल के नामित सदस्य रहे है। अब फिर तीन वर्षो के लिये चयन के लिये प्रयासरत हैं।

प्रेस कांउसिल की जांच समिति के संयोजक के रोल में शर्मा ने उन संगठनों को मान्यता दे दी है जो न तो विधिवत पंजीकृत है, न बही खाता, न वैध चुनाव। कारीगारी तो उत्तमचन्द शर्मा की रही जो स्वंय जांच समिति के सदस्य बनकर अपने निजी संगठन (हिन्दी समाचार पत्रकार सम्मेलन) की मान्यता खुद अपने वोट से करा दी। लखनऊ के राज्य पंजीकरण मुख्यालय में इस संगठन का नाम रजिस्टर में नही है।

प्रेस कांउसिल की वेबसाइट (www.presscouncil.nic.in ) पर अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रसाद ने लिखा है कि एडिटर्स गिल्ड, आल इण्डिया न्यूजपेपर एडिटर्स कान्फ्ररेंस तथा हिंदी समाचार पत्रकार सम्मेलन ने केवल आधी-अधूरी सूची जमा की है। मनोनयन भी पूरी संख्या में नहीं है। इन तीनों संगठनों की संयुक्त सूची में मानिनी चटर्जी सीधा जुनैद अहमदसंपादक नही हैं। न्यायमूर्ति प्रसाद ने लिखा कि इंण्डियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU), नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्र (NUJ), प्रेस एसोसिएशन, नई दिल्ली, और वर्किगं कैमरामैन  एसोसिएशन की संयुक्त सूची में उन लोगो का नाम है जो किसी भी समाचारपत्र में पूर्णकालिक अथवा अंशकालिक रूप् से कार्यरत नही है। अर्थात् वेतन भोगी नही है। इनके नाम है: एस. एन. सिन्हा, रास बिहारी, गीतार्थ पाठक, जोगिन्दर सिंह चावला, हरीश चन्द्र तिवारी, प्रदीप शर्मा तथा वी. एस. सुरेश कुमार।

IFWJ ने प्रेस कांउसिल अध्यक्ष से इस अवैधता की तहतक जांच कराने और कानूनी कारिवाही करने का अनुरोध किया है।

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