ऊपर वाले की ऊपर की सत्ता से हम सब बेखबर हैं। बड़े-बड़े पत्रकार ऊपर जाते हैं लेकिन खबर नहीं भेजते। क्या वहां खबरों की आजादी नहीं है। क्या वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था ना होकर राजशाही या तानाशाही का बोलबाला है। जाने वालों कुछ तो बताओ ! लोकतंत्र नहीं हो तो ना हो। तानाशाही हो तो होने दीजिए। कुलदीप सर आप जैसे ना जाने कितने चौथे खंभे ऊपर जा चुके है। आपको खबर भेजने से कौन रोक सकता है। आपने तो इंदिरा का आपातकाल भी नहीं रोक सका। आप तो मोदी के दौर में भी हुकुमत के खिलाफ बोलने में नहीं घबराये।
कुछ तो गड़बड़ है ऊपर की हुकुमत में। कुछ तो ऐब हैं खुदा के निजाम में। नहीं तो मरने के बाद की आखिरत को इतना पोशीदा (छिपा कर) नहीं रखा जाता।
कुलदीप सर आपसे कोई खबर छिप नहीं सकती। खुदा की खुदाई में बगावत करके ऊपर का सारा अहलो ऐहवाल (विस्तृत जानकारी) की खबर भेज दीजिएगा। स्वर्ग-नरक/जन्नत-जहन्नुम सिर्फ कल्पना है या हक़ीक़त इसका जवाब दुनिया की सबसे बड़ी खबर साबित होगी। यदि ये हकीकत है तो जरा बताइयेगा कि कौन कौन स्वर्ग में हैं और और कौन कौन नर्क में। सैकड़ों धर्मों में किसकी परिकल्पना सत्य है और किसकी असत्य।
आपकी पत्रकारिता ने देश की सियासत और सियासतदाओं पर बहुत ही अच्छी पकड़ बनाये रखी। आपसे कुछ दिन पहले ऊपर गये अटल बिहारी वाजपेयी जी का हाल भी बताइयेगा। करूणानिधि और सोमनाथ दादा भी वहां जल्दी ही पहुचे हैं। उनसे भी खबर निकालेगा।
और हां सबसे जरूरी तो ये कि आप इस खबर की पुष्टि अवश्य कर दें कि आपको स्वर्ग मिला है। जिससे कि इस दुनिया के खासकर हमारे देश के अधिकांश लालची, झूठे, चापलूस, सरकारों के दलाल, पेड न्यूज वाले, गोदी मीडिया वाले पत्रकार मीडिया में गलत रास्ता छोड़कर आपकी तरह निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने लगेंगे। ताकि आपकी तरह उन्हें भी स्वर्ग नसीब हो।
आपका प्रशंसक
– नवेद शिकोह







