तंबाकू निषेध के लिए हस्ताक्षर अभियान वैन को डॉक्टरों ने दिखाई हरी झंडी
पटना, 29 मई। प्रख्यात कैंसर सर्जन डॉ वी पी सिंह ने कहा कि तंबाकू से होने वाले कैंसर मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। दुनिया भर में आज तंबाकू के सेवन से लगभग 50 लाख लोग हर साल मरते हैं, जबकि यह आंकड़ा भारत में दस लाख से ज्यादा है, जो 2020 तक 15 लाख तक पहुंच जायेगा। वहीं, बिहार में लगभग तीन लाख कैंसर रोगी में 70 प्रतिशत तंबाकू जनित हैं। तंबाकू सेवन से पुरूषों में नपुंसकता और महिलाओं में प्रजन्न क्षमता भी कम होती जा रही है। इसलिए तंबाकू के कुप्रभावों से बचने के लिए सवेरा कैंसर एंड मेमोरियल हॉस्पीटल ने आर एस मेमोरियल कैंसर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान एम्स पटना, सोसाइटी ऑफ ऑनाकोलॉजी, आईएमए पटना और रोटरी मिड टाउन पटना के सहयोग से हस्ताक्षर अभियान की शुरूआत की है, जो 31 मई 2018 की संध्या तक आयोजित की जायेगी।
इस दौरान एक हस्ताक्षर वैन को पद्मश्री डॉ आर एन सिंह, कैंसर सर्जन डॉ वी पी सिंह, डॉ ए ए हई, डॉ प्रीतांजलि, डॉ टी पी सिन्हा, डॉ रवि कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन शहर के विभिन्न हिस्सों में घूम – घूम कर लोगों के बीच तंबाकू के खिलाफ जागरूकता लायेगी और उन्हें तंबाकू त्यागने के लिए प्रेरित किया जायेगा। साथ ही लोग इस वैन पर हस्ताक्षर कर तंबाकू के खिलाफ मुहीम को अपना समर्थन देंगे।
वहीं, डॉ सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू से दुष्प्रभाव के खिलाफ हमने जो हस्ताक्षर अभियान चलाई है, उसे सफल बनाने में लोग अपना अहम योगदान दें। तभी हम तंबाकू मुक्त समाज बना सकेंगे। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से तंबाकू उत्पाद पर रोक लगाने की सलाह दी और कहा कि आज देश के 15 राज्यों में तंबाकू पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि तंबाकू से मुंह, गला, अमाशय, यकृत, फेफड़े का कैंसर तथा हृदय रोग बढ़ जाती है। तंबाकू जनित रोगों में सबसे ज्यादा मामले फेफड़े और रक्त संबंधित रोगों के हैं, जिनका इलाज न केवल महंगा जटिल भी है। तंबाकू और इसके धुएं में तकरीबन 400 केमिकल पाये गये हैं, जिनमें 60 से ज्यादा केमिकल से सीधा कैंसर का रिश्ता है।
उन्होंने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि पुरूषों में 50 प्रतिशत और महिलाओं में 25 प्रतिशत कैंसर की वजह तंबाकू हैं। इनमें 90 प्रतिशत में मुंह का कैंसर है। इसलिए राज्य को कैंसर मुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उसी दिशा में ये हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया है, जिसमें आज विभिन्न डॉक्टरों के अलावा अन्य लोगों ने भी हस्ताक्षर किया।






