लखनऊ, 03 अगस्त, 2020: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक संघ के अध्यक्ष श्री सुधांशु मोहन ने मांग की है कि कोविड-19 में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों के प्रति विनम्रता बरती जाए। उन्होंने कहा कि कई सौ परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 के विभिन्न कार्यों सर्विलांस व सर्वे में उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, गंभीर बीमारी व आयु को नजरअंदाज करके लगाई गई है। साथ ही साथ इस कार्य में किसी प्रकार का रोस्टर तथा अवकाश न होने के कारण उक्त कार्य कर रहे शिक्षक भी कोविड-19 से ग्रसित होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उक्त कार्य में लगे शिक्षकों की जांच व चिकित्सा की समुचित व्यवस्था जिला स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से नहीं प्रदान की जा रही है। जिससे शिक्षको /शिक्षिकाओं के अंदर कोविड-19 का भय व्याप्त होता जा रहा है, जो कोविड-19 की लड़ाई में बाधक बन रहा है। कोविड-19 के खात्मे तथा शिक्षक शिक्षिकाओं के जानमाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संगठन ने प्रशासन निम्न बिंदुओं पर विचार करने कि अपील करता है।
यह रही मांगें:-
- शिक्षक /शिक्षिकाओं की ड्यूटी में रोस्टर व्यवस्था लागू की जाए।
- एक सप्ताह कार्य करने के उपरांत उन्हें घर पर रखा जाए। शिक्षकों को साप्ताहिक अवकाश अवश्य प्रदान किया जाए तथा अवकाश के दिनों में कार्य के बदले प्रतिकर प्रदान किया जाए।
- शिक्षकों की बीमारी, आयु, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा सक्षमता को दृष्टिगत रखकर ही नियुक्त किया जाए।
- कोविड-19 से ग्रसित शिक्षकों को प्रथम की श्रेणी चिकित्सा व्यवस्था प्रदान की जाए।
- शिक्षक /शिक्षिकाओं की ड्यूटी उनके आवागमन तथा उनकी प्रतिरोधक क्षमता तथा सक्षमता को दृष्टिगत ध्यान में रखकर उनके आवास के करीब या सभासद क्षेत्र अथवा कार्य क्षेत्र में ही लगाई जाए।
- सुरक्षा से संबंधित समस्त उपकरणों व सामग्री उपलब्ध कराई जाए।







