तेहरान पर एयर स्ट्राइक, मिसाइल जवाबी कार्रवाई से बढ़ा तनाव; वैश्विक चिंता गहराई
नई दिल्ली : अमेरिका और इसराइल के सयुंक्त अभियान के तहत शनिवार सुबह भारतीय समय के अनुसार ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया इसके जवाब में ईरान ने भी इसराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। बता दें कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी और आज 1 मार्च 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इन हमलों में ईरानी सरकारी मीडिया और विपक्षी स्रोतों के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला अली ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के भी घायल या मारे जाने की खबरें हैं। अमेरिकी और इज़राइली अधिकारियों ने कहा कि अभियान का लक्ष्य इरानी नेतृत्व और सैन्य ढांचे को कमजोर करना था।
इस संयुक्त ऑपरेशन को “Operation Lion’s Roar” नाम दिया गया है, जिसमें तेहरान समेत कई स्थानों पर हवाई और मिसाइल हमले किए गए। इज़राइल ने कहा है कि इस कदम का मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा और अपनी सीमाओं को खतरे से बचाना है।
प्रतिशोधी हमले और व्यापक तनाव
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका के खाड़ी स्थित सैन्य अड्डों और इज़राइल के कुछ हिस्सों को निशाना बताया गया, हालांकि अमेरिका ने यह नहीं कहा कि उसके सैनिक हताहत हुए हैं।
इस सैन्य अभियान और प्रतिशोधी हमलों से ईरान के कई शहरों में विस्फोट, नुकसान और नागरिक हताहत होने की रिपोर्टें भी आई हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई है और विश्व नेताओं ने संघर्ष को बढ़ने से रोकने की अपील की है।
वैश्विक असर : बाजारों पर भी दबाव बढ़ने का संकेत
इन घटनाओं के बाद मध्य पूर्व में वायु और समुद्री मार्गों पर अस्थिरता बढ़ी है, और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व आर्थिक बाजारों पर भी दबाव बढ़ने का संकेत मिला है। कई देशों ने कुशल शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।






