‘मोनालिसा आर्ट’ क्रिएटिव कलाकारों का मंच है: अज़हर हुसैन फारुकी

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अज़हर हुसैन फारुकी आज उस मुकाम पर है जहाँ लोग उन्हें क्रिएटिव आर्टिस्ट के तौर पर अच्छी तरह से जानते है वैसे तो अज़हर का कला से बचपन से नाता है लेकिन जब से उन्होंने मोनालिसा आर्ट, को प्लेटफॉर्म बनाया तब से लोग उनके पास अपने बच्चो को क्रिएटिव क्लास, समर कैंप या जुडो क्लास सीखने के लिए जरूर भेजते है क्योकि बच्चो के माता पिता को यह अच्छी तरह मालूम है कि ‘मोनालिसा आर्ट’ मे हमेशा बच्चों को कुछ नया सीखने को मिलता है।

गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा भी देते हैं:

अज़हर के पास कुछ बच्चे ऐसे भी आते है जिनके पास फीस भरने के लिए पैसे नहीं होते लेकिन सीखने की ललक ज्यादा होती है लेकिन अज़हर के दिल में सभी के लिए प्यार है वह उन्हें मुफ्त में शिक्षा देते है इसके आलावा उन बच्चो की स्कूल कि फीस भी अपनी तरफ से भरते है इसमें उनके मित्र भी अपनी सैलेरी का कुछ योगदान देते है उनकी इस अच्छाई को सुनकर अब राजनीतिक लोग भी उनकी मदद करते हैं।

नया सन्देश देती है उनकी क्रिएटिविटी:

उनकी क्रिएटिविटी में हमेशा कुछ नयापन होता है चाहे वो ‘मोनालिसा आर्ट’ के बैनर के तले हो या टिकैतराय तालाब की मार्निंग वॉक के समय नेचर वॉच का, जब वो सुबह वाकिंग के बाद हाथों में पेंसिल से कागज पर कुछ बनाते हैं तो लोग उन्हें जरूर अटेन्शन करते है और फिर उनसे संपर्क कर उनकी क्रिएटिव क्लास अटेंड करते है वह कहते हैं हमारी क्रिएटिविटी हमेशा संदेशात्मक संकेत और नयापन लिए होती है।

मुंबई मे बतौर फिल्म सेट डिज़ाइनर काम कर चुके हैं :

अज़हर हुसैन फारुकी मुंबई मे बतौर फिल्म आर्ट डायरेक्टर रह चुके है वह कहते है वहां से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला मैंने वहां करीब 6.5 साल काम किया। इस दरम्यान मैंने ‘सागर आर्ट स्टूडियो’ के बैनर तले विक्रम बेताल, ‘रामायण’ ‘जय हनुमान’, कर्ण की गाथा (मराठी ) सीरियल मे सेट डिज़ाइन किया।
इसके अलावा अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान की फिल्म के लिए सेट डिज़ाइन किया, एक वाक़ये का जिक्क्र करते हुए बताया की मैंने पूनम ढिल्लो की फिल्म के लिए आर्टिफिशल ऐयरपोर्ट डिज़ाइन किया जो काफी सराहा गया। फिलहाल अब वह लखनऊ मे बतौर टीचर (सेंट फेडलीस स्कूल) कि नौकरी के साथ मोनालिसा आर्ट NGO को चलाकर अपने परिवार के साथ अपनी क्रिएटिविटी को आगे बढ़ा रहे हैं। शगुन न्यूज़ इंडिया डॉट कॉम की ओर से उनके नए भविष्य की शुभभकामनायें।