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    Home»Indian tourism spots

    पर्यटकों का प्रिय स्थल लखनऊ: नवाबों का शहर और तहजीब का गढ़

    ShagunBy ShagunJune 14, 2025 Indian tourism spots No Comments7 Mins Read
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    Post Views: 6,822

    नीतू सिंह

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, जिसे ‘नवाबों का शहर’ और ‘तहजीब की नगरी’ कहा जाता है, अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, और आधुनिकता के अनूठे संगम के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। गोमती नदी के किनारे बसा यह शहर अपनी शाही विरासत, लखनवी खान-पान, चिकनकारी, और मेहमाननवाजी के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है। हाल के वर्षों में लखनऊ पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है, खासकर बड़ा इमामबाड़ा, घंटाघर, रूमी दरवाजा, और गोमती रिवर फ्रंट जैसे स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। आइए, जानते हैं कि लखनऊ में क्या-क्या खास है और इसे घूमने लायक क्या बनाता है।

    लखनऊ क्यों है खास ?

    ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत:

    लखनऊ की नींव रामायण काल से जुड़ी मानी जाती है, जब भगवान राम के भाई लक्ष्मण ने गोमती नदी के किनारे ‘लखनपुर’ बसाया था। बाद में यह नवाबों की राजधानी बना, जिन्होंने इसे शाही वास्तुकला और तहजीब से सजाया। बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, और रूमी दरवाजा जैसे स्मारक अवध की शान को आज भी दर्शाते हैं।

    नवाबी तहजीब और मेहमाननवाजी:

    लखनऊ की ‘पहले आप’ वाली तहजीब और अदब पर्यटकों को मोहित करती है। यहां की गलियों में शायरी, संगीत, और कला की महक बसी है। हजरतगंज और अमीनाबाद जैसे बाजारों में चिकनकारी की दुकानें और नवाबी व्यंजनों की खुशबू हर किसी को लुभाती है।

    स्वादिष्ट खान-पान: लखनऊ का खान-पान विश्व प्रसिद्ध है। टुंडे कबाब, गलावटी कबाब, बिरयानी, और शीरमाल से लेकर मक्खन मलाई और कुल्फी तक, यहां का हर व्यंजन पर्यटकों को दीवाना बनाता है। चौक और अमीनाबाद में स्ट्रीट फूड का मजा लेना हर यात्री की सूची में शामिल होता है।

    आधुनिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का मेल:

    पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ नया लखनऊ गोमती रिवर फ्रंट, जनेश्वर मिश्र पार्क, और मरीन ड्राइव जैसे आधुनिक स्थलों के लिए जाना जाता है। ये स्थान युवाओं और परिवारों के लिए पिकनिक और शाम की सैर के लिए आदर्श हैं।

    कला और हस्तशिल्प:

    लखनऊ की चिकनकारी और जरदोजी दुनिया भर में मशहूर है। हजरतगंज, चौक, और अमीनाबाद में पर्यटक इन हस्तशिल्पों की खरीदारी के लिए आते हैं। इसके अलावा, शहर का साहित्यिक इतिहास और उर्दू शायरी भी इसे खास बनाते हैं।

    यह हैं लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थल

    लखनऊ में घूमने की जगहें ऐतिहासिक स्मारकों, पार्कों, धार्मिक स्थलों, और आधुनिक मनोरंजन स्थलों का मिश्रण हैं। यहां कुछ प्रमुख स्थल हैं जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं:

    बड़ा इमामबाड़ा:

    लखनऊ का सबसे प्रसिद्ध स्मारक, बड़ा इमामबाड़ा, नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा 1784 में बनवाया गया था। इसका विशाल हॉल, जो बिना किसी खंभे के बना है, दुनिया का सबसे बड़ा गुंबददार कक्ष माना जाता है। भूलभुलैया, जिसमें 1024 रास्ते हैं लेकिन बाहर निकलने के लिए केवल दो, पर्यटकों को रोमांचित करती है। इसके परिसर में असफी मस्जिद, बावली, और पिक्चर गैलरी भी देखने लायक हैं। यह स्थल मुहर्रम के दौरान विशेष रूप से जीवंत हो उठता है। प्रवेश शुल्क: ₹50।

    छोटा इमामबाड़ा (हुसैनाबाद इमामबाड़ा):

    नवाब मुहम्मद अली शाह द्वारा 1838 में बनवाया गया छोटा इमामबाड़ा अपनी खूबसूरत सजावट और शिल्पकला के लिए जाना जाता है। सुनहरा गुंबद, मोजेक ग्लास का काम, और चांदी की सजावट पर्यटकों को मोहित करती है। परिसर में एक झील, मस्जिद, और नवाब का मकबरा भी है। शाम के समय इसकी रोशनी इसे और आकर्षक बनाती है।

    घंटाघर (हुसैनाबाद क्लॉक टावर):

    बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा के पास स्थित यह 221 फीट ऊंचा घंटाघर भारत का सबसे ऊंचा क्लॉक टावर है। 1887 में ब्रिटिश वास्तुकला के नमूने के रूप में बनाया गया यह स्थल शाम के समय पर्यटकों और स्थानीय लोगों से गुलजार रहता है। लोग यहां सेल्फी लेने और आसपास की गलियों में टहलने आते हैं।

    रूमी दरवाजा:

    बड़ा इमामबाड़ा के पास 60 फीट ऊंचा रूमी दरवाजा लखनऊ की पहचान है। नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा 1784 में बनवाया गया यह दरवाजा बिना लकड़ी या लोहे के निर्मित है, जो इसे वास्तुकला का अनूठा नमूना बनाता है। इसे ‘तुर्की गेट’ भी कहा जाता है। पर्यटक यहां फोटोग्राफी और ऐतिहासिक कहानियों का आनंद लेते हैं।

    गोमती रिवर फ्रंट:

    गोमती नदी के किनारे करीब 2 किमी तक फैला रिवर फ्रंट पार्क परिवारों, युवाओं, और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श है। हरे-भरे लॉन, जॉगिंग ट्रैक, बोटिंग की सुविधा, और नदी का शांत दृश्य इसे खास बनाते हैं। शाम के समय यहां रंग-बिरंगी रोशनी और फव्वारों का नजारा देखने लायक होता है। यह कपल्स और दोस्तों के लिए क्वालिटी टाइम बिताने की पसंदीदा जगह है।

    मरीन ड्राइव:

    गोमती नदी के किनारे गोमती नगर में स्थित मरीन ड्राइव लखनऊ का एक लोकप्रिय हैंगआउट स्पॉट है। मुंबई के मरीन ड्राइव से प्रेरित यह सड़क जॉगिंग, साइकिलिंग, और शाम की सैर के लिए मशहूर है। युवा यहां फास्ट फूड का लुत्फ उठाते हैं और नदी के किनारे की ठंडी हवाओं का आनंद लेते हैं।

    जनेश्वर मिश्र पार्क:

    गोमती नगर में 375 एकड़ में फैला यह पार्क एशिया के सबसे बड़े पार्कों में से एक है। 40 एकड़ की कृत्रिम झील, बोटिंग, हरियाली, और भारतीय सेना का मिग-21 लड़ाकू विमान पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह पार्क बच्चों, परिवारों, और फिटनेस प्रेमियों के लिए शानदार जगह है।

    अंबेडकर मेमोरियल पार्क:

    107 एकड़ में फैला यह पार्क राजस्थान के लाल बलुआ पत्थर से बने स्मारकों और भव्य मूर्तियों के लिए जाना जाता है। इसकी खूबसूरती और विशालता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करती है। यह इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए बेहतरीन स्थल है।

    नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर):

    71 एकड़ में फैला यह चिड़ियाघर बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। 97 प्रजातियों के 463 स्तनधारी, 298 पक्षी, और 72 सरीसृप यहां देखे जा सकते हैं। टॉय ट्रेन और पैडलबोट की सवारी इसे और मजेदार बनाती है।

    हजरतगंज: लखनऊ का दिल कहलाने वाला हजरतगंज शॉपिंग और खान-पान के लिए मशहूर है। यहां चिकनकारी की दुकानें, कैफे, और रेस्तरां पर्यटकों को लुभाते हैं। शाम के समय इसकी रौनक देखने लायक होती है।

    लखनऊ क्यों बन रहा है पर्यटकों का पसंदीदा स्थल?

    आसान पहुंच: लखनऊ रेल, सड़क, और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ जंक्शन, और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे इसे दिल्ली, वाराणसी, और अन्य शहरों से जोड़ते हैं। शहर में मेट्रो और बस सेवाएं भी पर्यटकों के लिए सुविधाजनक हैं।

    अलग है अंदाज लखनऊ का और विविधता से भरा : लखनऊ में ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर आधुनिक पार्क और शॉपिंग मॉल तक सब कुछ है। यह हर उम्र और रुचि के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    सोशल मीडिया के प्रभाव से लखनऊ की चमक और बढ़ी :

    • रूमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा, और रिवर फ्रंट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं, जिससे युवा इन स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
    • सुरक्षा और सुविधाएं: पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुरक्षा, गाइड, और साफ-सफाई की व्यवस्था ने लखनऊ को परिवारों के लिए सुरक्षित गंतव्य बनाया है।
    • सांस्कृतिक आयोजन: लखनऊ में महोत्सव, साहित्यिक समारोह, और फूड फेस्टिवल जैसे आयोजन पर्यटकों को शहर की जीवंतता से रूबरू कराते हैं।

    लखनऊ घूमने का सही समय: लखनऊ तो वैसे कभी भी घुमा जा सकता है लेकिन लखनऊ घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है, जब मौसम सुहावना होता है। बसंत ऋतु में जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे स्थलों पर फूलों का नजारा देखने लायक होता है।

    कैसे घूमें लखनऊ?

    एक दिन का प्लान: सुबह बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा, और घंटाघर घूमें। दोपहर में चौक या हजरतगंज में लखनवी खाने का लुत्फ लें। शाम को गोमती रिवर फ्रंट या मरीन ड्राइव पर बिताएं।

    • परिवहन: ऑटो, टैक्सी, या मेट्रो का उपयोग करें। रिवर फ्रंट और जनेश्वर मिश्र पार्क के लिए टैक्सी बेहतर है।
    • बजट: बड़ा इमामबाड़ा और चिड़ियाघर जैसे स्थलों का प्रवेश शुल्क कम है (₹25-₹50), और खान-पान भी किफायती है।

    बता दें कि लखनऊ अपनी शाही विरासत, नवाबी खान-पान, और आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटकों के लिए एक संपूर्ण गंतव्य है। बड़ा इमामबाड़ा और घंटाघर की ऐतिहासिक भव्यता से लेकर गोमती रिवर फ्रंट और मरीन ड्राइव की शांति तक, यह शहर हर किसी के लिए कुछ न कुछ खास पेश करता है। चाहे आप इतिहास प्रेमी हों, खाने के शौकीन, या प्रकृति के दीवाने, लखनऊ आपका दिल जीत लेगा। तो, अगली बार जब आप लखनऊ आएं, इसकी गलियों में खो जाएं और नवाबी अंदाज में मुस्कुराएं!

    मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं!

    #touristplace #uttarpradesh lucknow लखनऊ
    Shagun

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