वह अपने पिता को दो दिन से ढूंढ रहा और सबसे पूछ रहा कि डैडी कहां है। लेकिन सब आंखों में आंसू लिए हुए शांत हैं
नई दिल्ली, 23 नवंबर। दिल्ली के नीलकंठ रेजीडेंसी निवासी गगन खंडूजा (40) के घर में बुधवार रात जश्न होना था, क्योंकि उनका छोटा बेटा 22 नवंबर को तीन साल का हो गया था। बेटे के तीसरे जन्मदिन की तैयारी चल रही थी। घर में कई मेहमान भी आ चुके थे, लेकिन हत्यारों ने एक दिन पहले ही गगन की जान ले ली। जश्न की तैयारी मातम में बदल गई और बेटे के बर्थडे के दिन ही पिता की चिता जली। गगन की सोसायटी में रहने वाले लोगों में भी मातम का माहौल है।
मृतक के जीजा सूरज ने बताया कि एक फ्लैट में गगन मां रेनू, पत्नी दीपिका, पिता किशन गोपाल खंडूजा और दो बेटे 12 वर्षीय रौनक व तीन वर्षीय नक्ष के साथ रहते थे। इसी सोसायटी के दूसरे फ्लैट में छोटा भाई मगन अपने परिवार के साथ रहता था। नक्ष के जन्मदिन पर वह उसकी बुआ के साथ आए हुए थे। साथ ही कई और करीबी भी जन्मदिन पर होने वाले आयोजन में शामिल होने आए थे। पिता गगन ने बेटे नक्ष से उसके जन्मदिन पर उसे ढेर सारे खिलौने देने का वादा किया था।
लेकिन वह अपने पिता को दो दिन से ढूंढ रहा और सबसे पूछ रहा कि डैडी कहां है। लेकिन सब आंखों में आंसू लिए हुए शांत हैं। गगन की मां रेनू और पत्नी दीपिका का रो-रोकर बुरा हाल है। मगन का कहना है कि मंगलवार रात से रेनू और दीपिका ने कुछ भी खाया नहीं है। हालांकि परिवार के अन्य लोग उन्हें बार-बार ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी तबीयत खराब होने से बचाने के लिए लोग उन्हें थोड़ा-थोड़ा कर पानी दे रहे हैं। मां को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके बेटे से किसी की दुश्मनी भी हो सकती है। तुराबनगर के कारोबारियों का भी कहना है कि गगन बेहद ही अच्छे स्वभाव का कम बोलने वाला व्यक्ति था।






