प्राकृतिक दोस्त डॉल्फिन के साथ नाइंसाफी !

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जी के चक्रवर्ती

सोशल मीडिया पर एक जीव हत्या के वायरल हुए वीडियो ने लोगों के दुःख से भरे गुस्से को भड़का दिया। इस मामले ने सोशल मीडिया पर जीव हत्या को लेकर एक जबरदस्त बहस को जन्म दिया। यह तो सर्व विदित है कि मनुष्य ज़रा सा भी असुरक्षित महसूस करने पर कभी भी निरीह जीव जंतुओं के ऊपर अत्याचार करने से ज़रा भी परहेज नही करता है, कभी- कभी तो उसे जान से मारने में भी नही हिचकता है। यह सिलसिला यहीं तक सीमित नही है, यहाँ तक कि अपने उदर पूर्ति के लिये भी उसे जान से मारने में किंचित मात्र दया नहीं करता है।

हमारे मानव समाज मे बेजुबाँ जंगली जानवरों एवं जलीय जीवों पर हम मनुष्यों द्वारा उनके ऊपर अत्याचारों का सिलसिला कम होने के स्थान पर और अधिक होते चले जा रहें हैं इसी कड़ी में अभी बीते वर्ष 31 दिसम्बर 2020 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोथरिया गांव में घटित हुई एक घटना ने जीव प्रेमियों के दिल झखझोर कर रख दिया है।

जिसमे बताया जाता है कि एक राष्ट्रीय जल जीव डॉल्फिन गंगा के जलस्रोत के बहाव में बहकर इलाहाबाद से निकली एक शारदा सहायक नहर में आ गई, यह नहर जिन गांवों से होते हुये निकली वहां के ग्रामीणों ने उसे खतरनांक जलीय जीव समझ कर उसे बुरी तरह पीट-पीट कर अत्यंत दर्दनाक तरीके से उसे मौत के घाट उतार दिया। हालाँकि इस घटना के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने कार्रवाई की और इस घटना में लिप्त 12 में से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मालूम हो कि हमारे देश मे डाल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया जा चुका है फिर भी हमारे देश के लोगों के मध्य जंगली जानवरों एवं जलीय जीवों के विषय मे जानकारियों के अभाव में और जागरूकता की कमियों के कारण हम लोगों के हाथों इसका खामियाजा उस मासूम डाल्फिन को भुगतना पड़ा।

वैसे हम आपको यहां यह बताते चलें कि डाल्फिन जीव एक निरीह जलीय जीव है और हम मनुष्यों से सभी तरह के जलीय जीवों में से एक मात्र डॉल्फिन ही ऐसा जीव है जिसका हमसे बेहद लगाव है। यह कुशल तैराक जीव 5 से 6 मिनट तक जल के अंदर रह सकती है। यहाँ तक कि कई बार डॉलफिनों ने डूबते हुये अनेक लोगों की जान भी बचाई है। इसके चरणबद्ध रूप से सीखने की प्रवृत्ति के कारण इसे सभी जलचरों में सर्वाधिक बुद्धिमान जीव बनाती है। इसका हम मनुष्यों के साथ, विशेष रूप से बच्चों के प्रति विशेष लगाव होता है। डॉलफिन को हम इंसानों के साथ खेलना बहुत अच्छा लगता है।

डाल्फिन एक स्तनधारी जीव है। इसे हिंदी भाषा मे सूंस भी कहते हैं वैसे तो यह जीव समुद्र में पाये जाते हैं लेकिन यह जीव गहरे पानी के आलावा गंगा, घाघरा जैसी नदियों में भी पाया जाता है।

डॉलफिन की 40 प्रजातियां हैं। इनका आकर 1.2 मीटर यानि कि 4 फीट और वजन 400 किलो ग्राम तक के और ये विश्व भर में पाई जाती हैं, ऐसे कुछ डॉल्फिनों में कुछ मुख्य रूप से महाद्वीपीय जलसीमा के उथले सागरीय क्षेत्रों में इनका बसेरा होता है। डॉल्फिनों का प्रादुर्भाव पृथ्वी पर लगभग 1 करोड़ वर्ष पूर्व मियोसीन काल के दौरान हुआ था। डॉल्फिन पृथ्वी में पाई जाने वाली सबसे अधिक बुद्धिमान जीवों में से एक है और उनके अक्सर दोस्ताना व्यवहार और हमेशा खुश रहने की आदत ने उन्हें हम इंसानों के मध्य बहुत लोकप्रिय बना दिया है। गंगा नदी में पायी जाने वाली डॉल्फिन को भारत सरकार ने भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है।

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