सर्वाइकल पेन भी कहते हैं इस गर्दन में दर्द को
नई दिल्ली, 18 जनवरी। गर्दन में दर्द बेहद खतरनाक साबित हो सकता है जिसे सर्वाइकल पेन कहते हैं। गर्दन में दर्द किसी भी उम्र में महिला, पुरुष या बच्चों को हो सकता है। आज की जीवनशैली में ऑफिस से लेकर घर तक, ज्यादातर लोग दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हैं। ये छोटी सी आदत कई बार गंभीर रोगों को बुलावा दे सकती है। गर्दन का दर्द जो सर्वाइकल को प्रभावित करता है, वह सर्वाइकल स्पॉन्डिलॉलसिस कहलाता है। यह गर्दन के निचले हिस्से, दोनों कंधों, कॉलर बोन तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से गर्दन घुमाने में परेशानी होती है और कमजोर मासपेशियों के कारण, हाथों को उठाना भी मुश्किल हो जाता है।
हल्दी एक नैचरल पेनकिलर है जो सूजन को भी कम करती है। हल्दी ब्लड सर्कुलेशन को तेज करती है इसलिए इसके सेवन से दर्द में राहत मिलती है। इससे गर्दन की अकड़ भी कम होती है। अगर आपको सर्वाइकल पेन है तो एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा करके इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। इसे रोज दिन में 2 बार पीने से गर्दन के साथ-साथ शरीर के किसी भी दर्द में राहत मिलती है। तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, फॉस्फॉरस, विटमिन डी के साथ ही और भी कई विटमिन्स होते हैं जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है।
सर्वाइकल पेन से निजात पाने के लिए तिल के तेल को गुनगुना करके इससे रोज मालिश करें। तिल का सेवन करने से भी यह दर्द को कम करता है। सरसों, तिल या अरंडी के तेल में लहसुन की तीन चार कलियों को काटकर भून लें। भूनने के बाद इस तेल से लहसुन निकालकर खा सकते हैं। साथ ही लहसुन के साथ पके इस तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करने से भी सर्वाइकल के दर्द में राहत मिलती है। सुबह खाली पेट लहसुन की दो कली गुनगने पानी के साथ खाएंगे तो आपको सर्वाइकल पेन नहीं होगा।







