नीतीश बाबू का राजनीति में अब तक बहुत ही रोचक रहा है सियासी इतिहास
पटना। एनडीए की प्रचंड जीत के बाद गुरुवार को नई कैबिनेट गठन के साथ नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल ली। 2005 से अब तक पूरे 20 साल – चाहे सरकार किसी की बने, गठबंधन किसी का हो – सत्ता की चाबी हमेशा नीतीश के पास ही रही। कभी किंग, कभी किंगमेकर!
सियासी पलटू राम या मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट?
- जन्म: 1 मार्च 1951, नालंदा का कल्याण बीघा गांव
- प्रेरणा: राम मनोहर लोहिया + कर्पूरी ठाकुर की समाजवादी विचारधारा
- पहला चुनाव (1977): हरनौत से जनता पार्टी के टिकट पर लड़े – हार गए, राजनीति छोड़ने तक का मन बना लिया!
- पहली जीत: 1985 में हरनौत से ही, लोक दल के टिकट पर
- 1989: बाढ़ से लोकसभा पहुंचे, केंद्र में वाजपेयी सरकार में मंत्री बने
- लालू यादव के साथ शुरू हुआ सफर, फिर दुश्मनी, फिर दोस्ती – कुल 9 बार गठबंधन बदला!

बिहार में NDA की धमाकेदार वापसी! : बिहार में NDA को मिले प्रचंड बहुमत के बाद आज @NitishKumarको मुख्यमंत्री के रूप में, @samrat4bjp, @VijayKrSinhaBih को उपमुख्यमंत्री के रूप में एवं अन्य सभी मंत्री गणों को शपथ ग्रहण किया ! इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ने कहा कि केंद्र के मार्गदर्शन और आप सभी के नेतृत्व में NDA की डबल इंजन सरकार ‘विकसित बिहार’ की संकल्पना को साकार करने में निरंतर योगदान देती रहेगी।
कम सीटें, फिर भी सत्ता कैसे?
2020 में जदयू को सिर्फ 43 सीटें मिलीं (एनडीए में सबसे कम), फिर भी नीतीश सीएम बने। 2024 में भी जदयू के 12 सांसद ही बने, लेकिन केंद्र में मोदी कैबिनेट में 2 बड़े मंत्रालय झटक लिए। यही है नीतीश की असली ताकत – नंबर गेम के बादशाह!
20 साल, 9 बार कुर्सी, अनगिनत पलटीमार – फिर भी बिहार की सियासत में कोई नीतीश का मुकाबला नहीं कर पाया।
अब अगले 5 साल… फिर कौन सा नया करिश्मा दिखाएंगे नीतीश बाबू? तो बताइयें आपको नीतीश बाबू का सबसे बड़ा पलटा कौन-सा लगा? कमेंट करें!







