सास-बहू के लॉकर से करोड़ों के जेवर गायब, PNB में हड़कंप, बाहर भीड़!
नई दिल्ली : सबसे पहले दिल्ली की बात: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की कीर्ति नगर ब्रांच में एक सास-बहू जोड़ी अपने जॉइंट लॉकर से जेवर निकालने पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने तय प्रक्रिया से लॉकर खोला, लेकिन अंदर सोने के गहने गायब! महिला ने तुरंत चोरी का आरोप लगाया, खबर फैली तो बैंक के बाहर सैकड़ों ग्राहक जमा हो गए! सब अपने लॉकर चेक करवाने के लिए परेशान। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया, लोग चिल्ला रहे कि “बैंक भी सुरक्षित नहीं तो घर-सड़क-बैंक, कहीं नहीं बचा!”
फिर लखनऊ का मामला और भी दिल दहला देने वाला है। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक ब्रांच (शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी कैंपस वाली) में दर्जनों ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और जमा राशि कथित तौर पर गायब। करोड़ों रुपये की बात चल रही है मामले में बताया जाता है कि 60+ अकाउंट्स से 1.20 करोड़ से ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्राहक शटर गिराकर धरना दे रहे हैं, नारेबाजी कर रहे हैं। कई परिवारों की बेटियों की शादियां टल गईं, रिटायरमेंट की पूंजी पर संकट, जिंदगी भर की कमाई पर पानी फिर गया।

एक बैंक मित्र (एजेंट) पर फर्जी FD रसीदें जारी करने और पैसे हड़पने का आरोप है। बैंक कह रहा है कि “आंतरिक जांच चल रही है, तथ्य पुष्टि के बाद बताएंगे।” लेकिन ग्राहक पूछ रहे हैं कि जिम्मेदार कौन? भरपाई कब?
बता दें कि ये सिर्फ दो अलग-अलग बैंक या शहर की घटनाएं नहीं हैं। ये पूरे बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल हैं। लोग कह रहे हैं:
- “घर सुरक्षित नहीं, सड़क पर नहीं, अब बैंक भी नहीं?”
- “ये सिर्फ चोरी नहीं, बैंकिंग ट्रस्ट का फेलियर है!”
- “मेहनत की कमाई एक रात में गायब- अब पैसा कहां रखें?”
ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान और सोशल मीडिया पर हर कोई गुस्से में है – पारदर्शिता, सख्त जांच, दोषियों पर कार्रवाई और तुरंत भरपाई की मांग। कई यूजर्स जैसे हरदीप मारवाह, दिनेश कुमार, उत्तम यादव ने लिखा कि बैंकिंग का आधार ही भरोसा है, और जब वो हिल जाए तो पूरा सिस्टम डगमगा जाता है।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें –
1. https://x.com/i/status/2024071566506488167
2. https://x.com/i/status/2023967140781715792
सच में, अब सतर्क होने का वक्त है।
- अपने लॉकर/FD/अकाउंट की नियमित जांच करें।
- बैंक की हर गतिविधि पर नजर रखें।
- छोटी-छोटी अनियमितताओं पर तुरंत शिकायत करें।
क्योंकि अगर बैंक पर ही भरोसा टूट गया, तो आम आदमी का पैसा कहां सुरक्षित रहेगा? आप क्या सोचते हैं क्या ये सिर्फ लापरवाही है या कुछ बड़ा गड़बड़झाला?







