ओवैसी ने हज सब्सिडी खत्म करने और इसे तुष्टिकरण की सब्सिडी कहने पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली, 17 जनवरी। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हज सब्सिडी खत्म करने और इसे तुष्टिकरण की सब्सिडी कहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले साल 2017 में मात्र 200 करोड़ रुपये हज सब्सिडी दी गई लेकिन मोदी सरकार इसे 700 करोड़ की सब्सिडी बताकर मामले को संवेदनशील बनाना चाहती है। ओवैसी ने कहा कि वो लंबे समय से हज सब्सिडी खत्म करने और उसका पैसा मुस्लिम लड़कियों की पढ़ाई पर खर्च करने की वकालत करते रहे हैं
उन्होंने छह ट्वीट कर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है और पूछा है कि क्या बीजेपी योगी सरकार को अयोध्या, काशी, मथुरा के तीर्थयात्रियों पर 800 करोड़ रुपये खर्च करने से रोकेगी? ओवैसी ने यह भी पूछा कि क्या मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले हरेक तीर्थयात्री को मिलने वाले डेढ़ लाख रुपये रोक दिए जाएंगे? दूसरे ट्वीट में ओवैसी ने पूछा है कि बीजेपी की हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा समिति को एक करोड़ रुपये क्यों दिए? क्या यह वोट के लिए तुष्टिकरण नहीं है?
केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार को सिंहस्थ महाकुंभ के लिए क्यों 100 करोड़ रुपये दिए और मध्य प्रदेश सरकार ने उस पर 3400 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए? क्या यह तुष्टिकरण नहीं है? राजस्थान सरकार ने साल 2017-18 में 38.91 करोड़ रुपये हज सब्सिडी के तौर पर दिए मगर मंदिरों के जीर्णोद्धार और हिन्दू पुजारियों की ट्रेनिंग पर 26 करोड़ रुपये खर्च किए। क्या यह तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति नहीं है?
ओवैसी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला और पूछा कि जो सरकार जनेऊधारी राजनीति कर रही है, वो भी चारधाम की यात्रा के लिए हर श्रद्धालु को 20 हजार रुपये दे रही है, क्या यह तुष्टिकरण नहीं है? ओवैसी ने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हज सब्सिडी खत्म करने के बाद मुस्लिम लड़कियों के स्कॉलरशिप के लिए अपने कहानुसार 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित करे। उन्होंने लिखा है कि मुझे इस पर भी संशय है कि मोदी ऐसा करेंगे।







