नई दिल्ली: देश में चुनावी प्रक्रिया पर सवालों और वोट चोरी के आरोपों के बीच हरियाणा के पानीपत जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने परिसर में EVM की पुनर्गणना कराकर बुआना लाखू ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव के नतीजों को पलट दिया। इस अभूतपूर्व कदम ने चुनावी गणना में गड़बड़ी की आशंकाओं को बल दिया है। पुनर्गणना के बाद मोहित कुमार को सरपंच घोषित किया गया, जिसने वोट चोरी के आरोपों को और हवा दी।
2022 में हुए इस चुनाव में कुलदीप सिंह को विजेता घोषित किया गया था। लेकिन मोहित कुमार ने परिणामों को चुनौती देते हुए पानीपत के अतिरिक्त सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी)-सह-चुनाव ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। ट्रिब्यूनल ने बूथ नंबर 69 की पुनर्गणना का आदेश दिया, जिसे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2025 को खारिज कर दिया। इसके बाद मोहित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
बता दें कि बेटे महीने 31 जुलाई 2025 को जज सूर्यकांत, जज दीपांकर दत्ता और जज एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सभी बूथों की EVM की पुनर्गणना का आदेश दिया। 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कावेरी की देखरेख में हुई मतगणना में 3,767 वोट गिने गए। परिणाम चौंकाने वाले थे। मोहित कुमार को 1,051 वोट और कुलदीप सिंह को 1,000 वोट मिले। इस प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी हुई और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए।
11 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए मोहित कुमार को बुआना लाखू का सरपंच घोषित किया। कोर्ट ने पानीपत के उपायुक्त को दो दिनों में अधिसूचना जारी करने और मोहित को तुरंत पद ग्रहण करने का निर्देश दिया। यह पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट ने EVM की पुनर्गणना अपने परिसर में कराई, जिसने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने वालों को नया आधार दिया।
इस घटना ने EVM की विश्वसनीयता और वोट चोरी के आरोपों पर बहस को और तेज कर दिया है। क्या यह मामला देश की चुनावी व्यवस्था में सुधार की मांग को बल देगा?
यूजर्स बोलें : अब दुबारा मतगणना हर जगह हो जाये
डॉ सुनील किरण : अगर सुप्रीम कोर्ट 2024 लोकसभा चुनाव और उसके बाद के सभी विधानसभा चुनावों की दुबारा मतगणना करवाए तो चुनाव नतीजे बदले हुए ही नज़र आएंगे और BJP दूर दूर तक चुनावों में नज़र नहीं आएगी।
मुन्ना भैया : अब बताओ वोट चोरी हुआ है ना तो अब सुप्रीम कोर्ट को Evm को बैन ही कर ही देना चाहिए न, ना रहेगा पास न बजेगी बांसुरी?
विनोद वर्मा : क्या इसके लिए चुनाव आयोग कुछ कहेगा या हलफनामा मागेगा? दरअसल पूरे देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेहास्पद रही है लेकिन आज वह बड़े पैमाने पर लोकमत को चोरी करा रही है और उसके सबूतो को स्वीकार भी नही कर रही। इससे देश के लोकतंत्र को बचाया जाना चाहिए हर हाल में हर कीमत पर।







