समाजवादी पार्टी ने नोटबंदी के दौरान जन्मे खजांची का हर वर्ष की भांति जन्मदिन मनाया, इस अवसर पर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
लखनऊ, 10 नवंबर। समाजवादी पार्टी (SP) ने सोमवार पार्टी कार्यालय में नोटबंदी के दौरान जन्मे खजांची का हर वर्ष की भांति जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार, चुनावी धांधली और पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग की उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि खजांची का जन्मदिन मनाना नोटबंदी के दौरान हुए आर्थिक नुकसान और सरकार की विफलता की याद दिलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अपने ही फैसलों से गरीब और मध्यम वर्ग को लगातार परेशान कर रही है। सपा प्रमुख ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग में एक भी पीडीए परिवार का व्यक्ति नहीं है। ऐसा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

संविधान बचाने की जिम्मेदारी
अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता पर लोकतंत्र और संविधान को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या की वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी हो रही है, ऐसा अगर अयोध्या में का हाल है, तो सोचिए और जगह क्या हालत होगी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 427 दिन पहले से चुनावी बेईमानी शुरू कर दी गई है। वहीं इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) में भी एक तक पीडीए परिवार का आदमी नहीं है।
उन्होंने अपनी सरकार के दौरान रसूलाबाद में बनाई सीएचसी का जिक्र करते हुए कहा कि अभी तक लिफ्ट नहीं लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार गांजा बेच रही है, जबकि खांसी की दवा का प्रयोग नशे के लिए हो रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी को न्याय तभी मिलेगा, जब बीजेपी हटेगी। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए प्राथमिकता है।







