चौक में अद्भुत प्रदर्शन:
लखनऊ, 05 अप्रैल। दिल्ली के चांदनी चौक से लखनऊ आये अनिल सूद ने कबूतरबाजी जश्न में कबूतरों को उड़ाकर 140 किलो मीटर की रफ़्तार दी। लखनऊ के पुराने शौक को जीवित रखने के लिया इस अद्भुत नज़ारे का आयोजन चौक सराय माली खान में किशन साहू के घर पर आज 11 बजे किया गया है। पूरब की हवा होने के बाद भी कबूतरों को हवा के विपरीत उड़ाया गया। काली जी बाजार से उडे कबूतर मेडिकल कालेज, गोला गंज होते हुए अमीनाबाद तक गए। हज़ारो लोगो ने छत पर आ कर ये नज़ारा देखा।
आयोजक राम कृष्ण साहू (किशन) के अनुसार श्री सूद दिल्ली में 1400 कबूतर पाले है, उनको तेज रफ्तार से उड़ने की ट्रेनिंग देते हैं। प्रदर्सन के बाद किशन साहू को खलीफा का खिताब नेहरू युवा क्रेंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में पगड़ी पहना कर दिया गया।
कबूतर बाज सौरभ यादव ने बताया कि आज की दौड़ में हैदराबादी चांदणे, जंगला, लालबंद, नीले,बबरे, सिरजी, जर्द, सेंधे नस्ल के कबूतरों ने भाग लिया। बताया गया कि 1990 में उस्ताद शुशील, 1995 में रामू सोनकर और 2000 में रानीगंज निवासी रमेश भाई को खलीफा की उपाधि दी गई थी।
किशन साहू के अनुसार 1 माह से 75 कबूतरों के खान पान की भरपूर व्यवस्था की जा रही थी। खाने में सफेट काली मिर्च, बादाम, छुआरा, पिस्ता,के साथ साथ जारीबुटिया भी दी जा रही थी।
काली जी बाजार से अमीनाबाद तक जाबाज़ कबूतरो ने 4 चक्कर लगाये। वापस आये कबूतरो का स्वागत आतिशबाजी से किया गया। प्रमुख रूप से दिल्ली से आये अनिल,अरुण,अर्जुन और लखनऊ के पप्पू यादव,बच्चा भाई,ऋद्धि गौड़, पवन साहू,जावेद,सुशील अग्रवाल,श्यामू यादव के साथ सैकड़ो लोगो ने अपनी छतों से अद्भुत नज़ारा देखा।

पुराने लखनऊ के चौक में आज कबूतर बाजी जश्न मना, इस दरम्यान सराय माली खां में कबूतर बाज़ किशन साहू को 140 किलोमीटर की रफ़्तार से कबूतरों को उड़ाने पर ख़लीफ़ा के ख़िताब से भी नवाज़ा गया। फोटो: आज़म हुसैन
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