ये नूरी हैं। इनके पास कॉल आयी कि मेरे पिता को प्लाज़्मा की ज़रूरत है। नूरी असम से इंदौर पहुंची तो डॉक्टर्स ने कहा कि आप रोज़े में हैं, प्लाज़्मा डोनेट नहीं कर सकतीं। नूरी ने अपना रोज़ा तोड़ दिया और इंदौर दूरदर्शन में कार्यरत मनोहर लाल राठौड़ के लिए प्लाज़्मा डोनेट किया।
- अविनाश दास







