देश में आज धूम धाम से होली मनाई गयी। विशेष बात यह देखने को मिली कि इस बार भी होली को सभी धर्म के लोगों ने गिले- शिकवें भुलाकर व नफ़रतें मिटाकर एक दूसरे को रंग लगाकर होली की पारम्परिक शुभकामनाएं दी वास्तव में किसी ने सही कहा है कि रंगों का कोई धर्म नही होता..ये हर धर्म से परे है। सही कहा जाए तो गंगा- जमुनी तहजीब परंपरा की असली यही तस्वीरें हैं असली भारत की।

हर साल की तरह इस बार भी होली की मस्ती, हाजी वारिस अली शाह की मज़ार, देवा शरीफ, बाराबंकी।

मथुरा की खुशबू, गोकल का हार वृन्दावन की सुगंध, बरसाने का प्यार खुशियों से भरा होली का त्यौहार

प्रेम की अभिव्यक्ति प्रकट करते होली के रंग: बरसाने की होली








