68500 सहायक अध्यापक भर्ती के रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर विधान भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने शुक्रवार को जमकर लाठियां भांजीं। सड़क पर प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। दर्जनों अभ्यर्थी घायल हो गए। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ मच गई। खून से लथपथ अभ्यर्थियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने इसके बाद करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर हजरतगंज कोतवाली ले आई। सभी लोग उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले एकजुट हुए थे।
भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन में न्यूनतम अहर्ता 40 से 45 प्रतिशत थी लेकिन बाद में सरकार ने इसे घटाकर 30 से 33 प्रतिशत कर दी। जिसे ध्यान में रखकर सभी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी पर परीक्षा का परिणाम 40 से 45 प्रतिशत अहर्ता के आधार पर जारी कर दिया गया। जिसके चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके। 68 हजार 500 सहायक अध्यापक भर्ती में से 28 हजार पद खाली रह गए। नौकरी के लिए आवेदन किया था अब लाठियां मिल रही हैं। वहीं अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट ने भर्ती प्रक्रियां में हुई धांधली पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अगर धांधली के आरोप सही पाए जांएगे तो भर्ती प्रकिया निरस्त होगी। लेकिन हमारी मांग न्यूनतम अर्हता व रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर हैं। जिसके सम्बन्ध में आगामी 12 नवंबर को कोई में सुनवाई भी होनी है।
लखनऊ विधानसभा के सामने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बीटीसी शिक्षकों से पुलिस कर्मियों की झड़प व शिक्षकों को गिरफ्तार कर ले जाती राजधानी पुलिस। अब यह शिक्षक बनेंगे तो पुलिस और सत्ता के प्रति इनके मन की कड़वाहट कैसे कम होगी। फोटो: आज़म हुसैन

अखिलेश यादव ने की कड़ी निंदा:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में विधानसभा के सामने 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है। लाठीचार्ज में सैकड़ों नौजवान बुरी तरह से घायल हो गये है।







