बिजली तेरो सत्यानाश !!!

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“कै” की बुझ ग्यी बत्ती और बन गया “लाश”: अब देखिये न जरा सी गलती से अर्थ का अनर्थ हो जाता है। बिजली भी है लेकिन तकनीकी खराबी के कारण एक शब्द में लाइट न जलने के कारण शब्द का ब्लंडर हो गया है!
बता दें कि यहाँ पहली तस्वीर में पूरा शब्द ”कैलाश” है लेकिन पहलें शब्द में रात में लाइट न जलने के कारण ‘लाश अस्पताल’ दिख रहा है। इस पर त्वरित ध्यान देने की आवश्यकता है।

हबड़ा: ‘हाबड़ा जस्ट बेकर’:

दूसरी तस्वीर में भी इसी तरह छाबरा जस्ट बेकर है लेकिन ‘छा’ वर्ड में लाइट न जलने के कारण ‘हाबड़ा’ दिख रहा है।

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