गाजा में मानवीय संकट गहराया
गाजा/नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में रविवार से शुरू हुए ताजा सैन्य अभियानों का जोरदार समर्थन किया है। उनका कहना है कि हमास को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने और बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए इजरायल के पास कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है। इन हमलों ने वैश्विक और घरेलू स्तर पर व्यापक नाराजगी को जन्म दिया है, जबकि गाजा में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

इजरायल की सुरक्षा मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह गाजा शहर, केंद्रीय शिविरों और मुबासी में हमास के ठिकानों को नष्ट करने का निर्देश दिया था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार से शुरू हुए इन हमलों में अब तक 72 फलस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उत्तरी गाजा, खान यूनिस और राफा में बड़े पैमाने पर हवाई हमले और विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
नेतन्याहू ने मंगलवार को अपने बयान में कहा, “हमास द्वारा बंधकों की रिहाई से इनकार और मध्यस्थों के सीजफायर प्रस्तावों को ठुकराने के बाद हमें सैन्य कार्रवाई तेज करनी पड़ी।” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि यह हमला आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने गाजा में हमास के एक प्रमुख कमांडर को निशाना बनाने की पुष्टि की है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मानवीय संकट:
इन हमलों ने गाजा में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गंभीर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गाजा में भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 89 बच्चे कुपोषण के कारण दम तोड़ चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इजरायल की कार्रवाइयों की निंदा की है और तत्काल युद्धविराम की मांग की है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल का समर्थन करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हमास के आतंकी हमलों का जवाब है।
गाजा पर कब्जे की योजना?:
एक्स पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया है कि इजरायल गाजा पर पूर्ण कब्जे की योजना बना रहा है। नेतन्याहू की रणनीति में बंधकों को मुक्त कराने के लिए सैन्य दबाव बढ़ाना शामिल है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।आगे की राह: हमास और इजरायल के बीच सीजफायर वार्ता बार-बार विफल हो रही है, जिससे युद्ध के लंबा खिंचने की आशंका बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब मध्यस्थों पर टिकी है, जो शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। गाजा में बढ़ता मानवीय संकट और क्षेत्रीय तनाव मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है।







