लखनऊ से नोएडा तक छापेमारी: मिलावटी खोया, पनीर और मिठाई पकड़ी गई
मुजफ्फरनगर का नकली पनीर रैकेट: उत्तराखंड तक सप्लाई का भंडाफोड़
लखनऊ : दीवाली के त्योहारी सीजन में मिठाइयों और दूध उत्पादों में मिलावट का खतरनाक खेल सामने आया है। उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने लखनऊ, नोएडा, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 6 लाख रुपये से अधिक की मिलावटी मिठाइयां, खोया और पनीर नष्ट करवाया। यह अभियान त्योहारों में जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए शुरू किया गया, लेकिन सामने आई तस्वीरें डराने वाली हैं सिंथेटिक खोया, एक्सपायर्ड सामग्री और गंदगी में तैयार मिठाइयां।

फूड सेफ्टी का वादा: त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर लगातार नकेल
लखनऊ के राजेंद्रनगर में ‘मा कृपा ट्रेडर्स’ पर सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां 5,000 किलोग्राम मिल्क केक, कलाकंद, सोहन पापड़ी, डोडा बर्फी और अन्य मिठाइयां (मूल्य 5.57 लाख रुपये) खराब गुणवत्ता और मिलावट के शक में नष्ट की गईं। आलमनगर में 150 किलोग्राम बदबूदार खोया (मूल्य 60,000 रुपये) और नादरगंज में 223 किलोग्राम घटिया घी (मूल्य 1.22 लाख रुपये) जब्त किया गया। नोएडा में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 550 किलोग्राम और 100 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट किया गया, जो NCR में रोजाना सप्लाई हो रहा था।

मुजफ्फरनगर में एक नकली पनीर रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जहां उत्तराखंड तक सप्लाई होने वाला मिलावटी पनीर जमीन में दबवाया गया। सबसे चौंकाने वाला खुलासा बुलंदशहर में हुआ, जहां एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में मदर डेयरी के लिए छाछ एक्सपायर्ड नमक से बनाई जा रही थी। यूनिट की दीवारों पर फफूंदी और गंदगी देख अधिकारी भी हैरान रह गए। कुल 5,077.6 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए और 21 नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर FSSAI 2006 के तहत कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा: “मिठाई नहीं, जहर बेच रहे हैं दुकानदार”
सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लखनऊ के विवेक त्रिपाठी ने X पर लिखा, “इस दीवाली मिठाई मत खरीदो, चाहे कितनी भरोसेमंद दुकान हो। ये जहर बेच रहे हैं। घर पर बेसन के लड्डू बनाओ, शुद्ध हलवा चढ़ाओ।” रणजीत कुमार ने सख्त सजा की मांग की, जबकि डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, “जब तक अमला चाहे, मिलावट बंद नहीं होगी।”
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FSDA के सहायक आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने कहा, “त्योहारों में मिलावटखोरों पर नजर है। हमारा अभियान तब तक चलेगा, जब तक जनता की थाली सुरक्षित नहीं होगी।” लेकिन जनता का सवाल है कि क्या ये कार्रवाइयां सिर्फ दिखावा हैं, या मिलावट की जड़ तक जाएंगी? इस दीवाली लोग घरेलू मिठाइयों पर भरोसा कर रहे हैं, क्योंकि मशहूर दुकानों का भरोसा अब “जहर” बन चुका है।







