- विरोध के बावजूद भी सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी दारापुरी के परिजनों से मिलीं महासचिव
- सरकार दमन और तानाशाही पर उतारू, हर अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी: प्रियंका गांधी
आशीष अवस्थी
लखनऊ 28 दिसम्बर 2019: कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी स्थापना दिवस के कार्यक्रम के बाद सीएए और एनआरसी के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद गिरफ्तार किए गए प्रसिद्ध अम्बेडकरवादी चिंतक व पूर्व पुलिस अधिकारी एसआर दारापुरी के परिजनों से मिलने जा रही थीं। लेकिन बीच रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उपद्रव के आरोप में जेल में बन्द दारापुरी के परिवार से मिलने जा रही थीं।

महासचिव प्रियंका गांधी वहां से पैदल चलाना शुरू कीं लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में उनके साथ धक्कामुक्की की। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी अधिकारी ने प्रियंका गांधी का गला पकड़कर खींचने की कोशिश की।
महासचिव प्रियंका गांधी ने 8 किलोमीटर पैदल चलकर बीच रास्ते में पुलिसिया बर्बरता को झेलते हुए दारापुरी के परिजनों से मिलीं और उनका हालचाल जाना।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा:
पुलिस ने हमारी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि हम आगे नहीं जा सकते। हमने पूछा क्यों नहीं जा सकते तो बोले कि बस नहीं जा सकते। मैं गाड़ी से उतर गई। मुझे बेवजह रोका गया और मेरा गला दबाया गया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्क्ता गौरव ने ट्वीट कर कहा:
UP पुलिस द्वारा श्रीमती प्रियंका गांधी को बल पूर्वक रोकने एवं दुर्व्यवहार करना अत्यंत निंदनीय एवं आलोकतंत्रिक है। यह घटना संविधान की प्रधानता को रोकने का कुत्सित प्रयास है। इतिहास गवाह है, सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं ।







