गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, तो सम्बन्धित के विरुद्ध FIR दर्ज होगी: मुख्यमंत्री

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गरीब एवं बेसहारा परिवारों को छत उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) संचालित की गई है। यह भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है। गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में यदि कहीं भी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होगी, तो सम्बन्धित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे बिचैलियों के चक्कर में न पड़े, धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री आज गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस योजना के तहत आज कुल 568 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इसमें 20 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री जी ने स्वयं प्रमाण पत्र वितरित किए।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा इस योजना का शुभारम्भ वर्ष 2016 में किया गया था और इसका लक्ष्य है कि आने वाले 5 वर्षों के दौरान देश के अन्दर कोई भी व्यक्ति छतविहीन नहीं रहेगा। इसमें लाभार्थी को 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि अनुमन्य है। पिछली सरकारों ने प्रदेश में इस योजना को लागू नहीं किया था। वर्तमान सरकार ने इस योजना को लागू किया है। वर्ष 2022 तक सभी आश्रयविहीन परिवारों को छत मिल जाए, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 10 लाख मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना का शुभारम्भ लखनऊ से किया जा चुका है।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु अनुमन्य धनराशि 01 लाख 20 हजार रुपए के अतिरिक्त शौचालय निर्माण हेतु 12 हजार रुपए तथा मनरेगा में काम करने वालों के लिए अतिरिक्त धनराशि अनुमन्य है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मण्डल में 57 हजार तथा जनपद में 17 हजार 500 आवास बनाने का लक्ष्य है। योजना को पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने हर ब्लाॅक में इस तरह के शिविर लगाकर अगस्त-सितम्बर तक योजना के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को अवश्य आमंत्रित किया जाए। प्रधानमंत्री जी की इच्छा है कि हर गरीब को उनका अधिकार मिले। उन्होंने यह भी बताया कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु सभी हैण्डपम्पों को रिबोर कराने के लिए अभियन्ताओं को दिए गए हंै। प्रदेश सरकार जनता के हित का संरक्षण देने के लिए कृत संकल्पित है।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि हर गरीब को छत मिलेगी, कोई छतविहीन नहीं रहेगा। इसके अलावा, मुसहर, घुमक्कड़ जाति के लोगों का भी सर्वे कराया जा रहा है और उन्हें भी इस योजना से आच्छादित किया जाएगा। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने योजना के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, लाभार्थीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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