पावर कारपोरेशन ने आयोग में दाखिल किया मंहगी बिजली बेचने का प्रस्ताव, उपभोक्ता परिषद ने कहा गरीबों का उड़ाया जा रहा मज़ाक

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  • नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन की प्रस्तावित दर को 3 दिन में समाचार पत्रों में विज्ञापित कराने का बिजली कम्पनियों को दिया आदेश अब बिजली दर की सुनवाई आगे बढी, 24 सितम्बर एवं 28 सितम्बर को होगी सुनवाई
  • उपभोक्ता परिषद ने खपत के आधार पर जारी किये आकड़ें और खोली नये प्रस्ताव की पोल

प्रदेश की बिजली कम्पनियों की तरफ से अन्ततः पावर कारपोरेशन ने नये स्लैब में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की श्रेणीवार दरें विद्युत नियामक आयोग में सौंप दी गयी हैं। पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक की तरफ से सौंपी गयी नये स्लैब में प्रस्तावित दरों से जहाॅं एक तरफ करोना काल में घरेलू विद्युत उपभोक्ता जो कम बिजली खर्च करेंगे उनकी दरें बढ रही हैं और वहीं दूसरी ओर जो ज्यादा बिजली का उपभोग कर रहे हैं उनकी दरें कम हो रही हैं ऐसा प्रस्ताव बिजली कम्पनियों की तरफ से आयोग में आया है जिससे प्रदेश के गरीब उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश व्याप्त हो गया है। पावर कारपोरेशन द्वारा प्रस्तावित श्रेणीवार में से घरेलू उपभेाक्ताओं की दरें निम्नवत प्रस्तावित की गयी हैं। उपभोक्ता परिषद की जनता टैरिफ को रोकने के लिये पावर कारपोरेशन ने बडी चाल चली है लेकिन उपभोक्ता परिषद कामयाब नही होने देगा।

पावर कारपोरेशन ने बडी चालाकी से घरेलू उन विद्युत उपभोक्ताओं जो 150 से 200 यूनिट के बीच में खपत करते हैं उनकी दरों में इजाफा प्रस्तावित किया इनकी संख्या लगभग घरेलू उपभोक्ताओं की कुल संख्या का 80 प्रतिशत है और जिनकी दरें कम हो रही हैं उनकी संख्या मात्र 20 प्रतिशत है। कुल मिलाकर विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव को 3 दिन में समाचार पत्रों में विज्ञापित कराने का आदेश देते हुये 15 दिन में प्रदेश के उपभोक्ताओं से उसपर आपत्तियाॅं प्राप्त करने का आदेश देते हुये बिजली की जो सुनवाई पहले 8 सितम्बर एवं 10 सिरम्बर को होनी थी उसे आगे बढाते हुये अब 24 सितम्बर व 28 सितम्बर को कर दी है। पावर कारपोरेशन की तरफ से घरेलू ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरें यथावत रू0 500 प्रति किलोवाट ही रखी गयी है वहीं घरेलू ग्रामीण व शहरी की दरें निम्नवत प्रस्तावित है।

यूनिट वर्तमानरेट(घरेलू, शहरी) यूनिट कारपोरेशन प्रस्तावित दर

0-150 रू0 5.50 प्रति यूनिट 0-100 रू0 5.50 प्रति यूनिट
151-300 रू0 6.00 प्रति यूनिट 101-300 रू0 5.80 प्रति यूनिट
301-500 रू0 6.50 प्रति यूनिट 300 के ऊपर रू0 6.65 प्रति यूनिट
500 के ऊपर रू0 7.00 प्रति यूनिट

यूनिट वर्तमानरेट(घरेलू, ग्रामीण) यूनिट कारपोरेशन प्रस्तावित दर

0-100 रू0 3.35 प्रति यूनिट 0-100 रू0 3.35 प्रति यूनिट
101-150 रू0 3.85 प्रति यूनिट 101-300 रू0 4.40 प्रति यूनिट
151-300 रू0 5.00 प्रति यूनिट 300 के ऊपर रू0 5.60 प्रति यूनिट
300 के ऊपर रू0 6.00 प्रति यूनिट

ग्रामीण व शहरी घरेलू बीपीएल विद्युत उपभोक्ताओं की 1 किलोवाट 100 यूनिट रू0 3 प्रति यूनिट में कोई परिवर्तन नही किया गया है लेकिन उसी तरह ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के फिक्सड चार्ज को रू0 90 प्रति किलोवाट व शहरी घरेलू का रू0 110 प्रति किलोवाट यथावत प्रस्तावित है।
उ0 प्र0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पावर कारपोरेशन ने नये स्लैब में जो दरें प्रस्तावित की हैं वह बेहद चैंकाने वाली हैं क्योंकि इस पूरे प्रस्ताव में गरीब और मीडियम उपभोक्ताअें की जेब ढीली हो रही है और इस करोना काल में बडे विद्युत उपभोक्ता जो ज्यादा उपभोग कर रहे हैं उनकी दरें कम हो रही हैं निम्न आंकडे पावर कारपोरेशन की पोल खोलने के लिये काफी हैं। यह कितना बडा सवाल है कि गरीब घरेलू उपभोक्ताओं के साथ पावर कारपोरेशन ने बडा अन्याय किया है।

यूनिट वर्तमान टैरिफ पर खर्च प्रस्तावित टैरिफ पर खर्च फायदा/नुकसान

150 रू0 825 रू0 840 रू0 15 का नुकसान
200 रू0 1125 रू0 1130 रू0 5 का नुकसान
300 रू0 1725 रू0 1710 रू0 15 का फायदा
400 रू0 2375 रू0 2375 न नुकसान न फायदा
500 रू0 3025 रू0 3040 रू0 15 का नुकसान
800 रू0 5125 रू0 5035 रू0 90 का फायदा
1000 रू0 6525 रू0 6365 रू0 160 का फायदा

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि स्वतः यह सिद्ध हो रहा है कि जो ज्यादा खर्च कर रहा है उसकी दरें कम हो रही हैं और जो कम खर्च कर रहा है उसकी दरें बढ रही हैं जो अपने आप में सवाल है और इस करोना काल में गरीबों के साथ अत्याचार हैं। उपभोक्ता परिषद इसका जमकर विरोध करेगा।

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