देशभर में प्राइवेट अस्पतालों में अनावश्यक सी-सेक्शन के मामले बने चिंता का विषय
गाजियाबाद, 15 फरवरी 2026: एक नवजात बेटी की मां बनते ही उसकी दुनिया हमेशा के लिए उजड़ गई। गाजियाबाद के शांति गोपाल अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पति ध्रुव दयाल (जिन्हें गौरव दयाल भी कहा जा रहा है) का आरोप है कि डॉ. पुनीता गुप्ता ने नॉर्मल डिलीवरी की संभावना को नजरअंदाज कर जबरन सी-सेक्शन का दबाव बनाया, जिसके बाद उनकी पत्नी की जान चली गई।
परिवार के अनुसार, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर बताकर सी-सेक्शन के लिए मजबूर किया। दबाव में ऑपरेशन हुआ, बेटी का जन्म तो हो गया, लेकिन मां की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंत में उनकी मौत हो गई। ध्रुव दयाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने डॉक्टरों द्वारा डराने-धमकाने और अनावश्यक दबाव डालने का जिक्र किया है। शिकायत मिलने के बाद गाजियाबाद के सीएमओ ने तुरंत एक मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ध्रुव दयाल भावुक होकर कह रहे हैं,
“हमें इतना डरा दिया गया कि जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। मेरी पत्नी की जिंदगी की कोई कीमत नहीं समझी गई।” उनकी आंखों में आंसू और आवाज में बेबसी साफ झलक रही है, जो कई परिवारों के दर्द को प्रतिबिंबित करती है।
इस घटना पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी भावुक हैं।
एक यूजर ने लिखा, “भगवान आपको दुख सहन करने की शक्ति दे, बिटिया को आशीर्वाद। लगता है अम्नियोटिक फ्लूइड एम्बोलिज्म हुआ होगा, जो रेयर लेकिन जानलेवा है। यह नॉर्मल डिलीवरी में भी हो सकता है।”
वहीं दूसरे ने कहा, “अस्पताल वाले डराने-धमकाने और इमोशनल ब्लैकमेल में कुछ नहीं छोड़ते।”
देशभर में प्राइवेट अस्पतालों में अनावश्यक सी-सेक्शन के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, WHO के मानकों के अनुसार सी-सेक्शन केवल 10-15% मामलों में जरूरी होता है, लेकिन भारत में यह दर काफी ऊंची है। क्या यह मेडिकल जरूरत है या अन्य कारण? मेडिकल बोर्ड की जांच से सच्चाई सामने आएगी।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2023030515037827487
शगुन न्यूज इंडिया इस पूरे मामले पर नजर रख रहा है। न्याय की उम्मीद बनी रहेगी। अगर आपके पास कोई संबंधित जानकारी हो, तो जरूर शेयर करें।






