- 1 करोड प्री पेड मीटर जिसकी लागत लगभग 2000 करोड का पूरा मानक चाईनीज निर्मित निविदा पर आधारित क्वालिटी कन्ट्रोल दर किनार
- आर्थिक संकट का रोना रोकर बिजली दर बढवानें वाली बिजली कम्पनियाॅ अब करोडों के मीटर खरीद पर उतावली क्वालिटी कन्ट्रोल के नाम पर केवल बयानबाजी तक सीमित
- नियामक आयोग अध्यक्ष का आश्वासन आयोग नही बैठेगा चुप जल्द करेगा रिपोर्ट तलब
लखनऊ 20 दिसम्बर। आर्थिक संकट का रोना रोकर जहाॅं प्रदेेश की बिजली कम्पनियों ने ग्रामीण किसानों व आम उपभोक्ताओं की बिजली दरों में व्यापक बढोत्तरी करायी वहीं दूसरी ओर जल्दबाजी में करोडों अरबों के मीटर खरीद पर पूरा बिजली विभाग मौन साधे हुए है। अब खरीद के नाम पर बिजली कम्पनियों के पास कोई आर्थिक संकट नही है। जिसको लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें विस्तार से बताते हुए उनके सामने यह मुददा रखा कि जिस प्रकार से बिजली कम्पनियाॅं करोडों अरबों के मीटर खरीद पर आमादा हैं आने वाले समय में उसका खामियाजा प्रदेश की जनता को न भुगतना पडे इसलिये समय रहते आयोग पूरे मामले पर हस्तक्षेप करे।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आयोग के सामने यह मुददा रखा कि एनर्जी एफिसेन्सी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) जो भारत सरकार ऊर्जा मंत्रालय की एजेन्सी है उसके द्वारा विगत दिनों जो 40 लाख स्मार्ट मीटर लागत लगभग 1300 करोड और वर्तमान में खरीदे जा रहे 1 करोड प्री पेड मीटर जिसकी लागत लगभग 2000 करोड आंकी गयी है की निविदा विशिष्टीकरण के जो तकनीकी मानक सामने आ रहे हैं उससे यह सिद्ध हो रहा है कि आने वाले समय में एक बार फिर उप्र में चाइनीज कम्पनियों का बोलबाला मीटर के रूप में घर घर पहुचने वाला है। वर्तमान में जितने भी मीटर की खरीद प्रक्रियाधीन है उसमें क्वालिटी कन्ट्रोल के नाम पर चाहे वह बिजली कम्पनियां हों या ईईएसएल सभी पूरी तरीके से उदासीन हैं। सबसे बडा चैंकाने वाला मामला यह है कि केन्द्रीय एजेन्सी द्वारा 1 करोड प्री पेड मीटर की जो प्री बिड कान्फे्रन्स बुलायी गयी है उसमें जिस मानक पर चर्चा होने जा रही है वह पूरी तरह चाइनीच कम्पनियों द्वारा निर्मित मानक पर आधारित है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आगे यह भी मुददा उठाया है कि केन्द्र सरकार की एजेन्सी ईईएसएल द्वारा आज तक न तो स्मार्ट मीटर का सैंपल लिया गया और न ही प्री पेड मीटर की कोई डिजाइन। इससे पूरी तरह यह सिद्ध हो रहा है कि केवल टेंडर को अंतिम रूप देकर सभी चुप बैठ जायेंगे क्चालिटी कन्ट्रोल भगवान भरोसे।
नियामक आयोग अध्यक्ष ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि मामला बेहद गंभीर है और सीधे जनता से जुडा है ऐसे मंे आयेाग चुप नही बैठेगा जल्द ही बिजली कम्पनियों से पूरी रिपोर्ट तलब की जायेगी और आयेाग सभी वित्तीय व तकनीकी मानकों पर विचार करेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पूरे देश में केवल उप्र में सौभाग्या के नाम पर करोडों रूपये के प्री पेड मीटर गाॅंव में लगाने के लिये खरीदे जा रहे हैं यह कोई समझने को तैयार नही है कि सही मायने में प्री पेड मीटर गाॅंव में सफल होंगे अथवा नही। जिस प्रकार से निविदा की तकनीकी मानक सामने आ रहे हैं उससे यह सिद्ध हो रहा है कि आने वाले समय में चाइनीच कम्पनियाॅं अपने पाॅंव प्रदेश में पसारेंगी। पावर कारपोरेशन प्रबन्धन क्वालिटी कन्ट्रोल के नाम पर केवल मीटर को सेंट्रल एजेन्सी से सैंपल भेजकर जाॅंच कराने की बात की जाती है लेकिन आज तक यह गंभीर मुददा सामने नही आया कि किस मीटर की क्वालिटी घटिया है और किसकी अच्छी। सभी मीटर निर्माता कम्पनियाॅं चाहें वह उच्च गुणवत्ता का मीटर बनाती हों या घटिया सभी जोड तोड कर करोडों रूपये मीटर का आर्डर येन केन प्रकारेण ले रहीं हैं। आने वाले समय में इस जल्दबाजी में मीटर खरीद का खामियाजा प्रदेश की जनता केा भुगतना तय है।







