- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकान्त शर्मा के साथ बैठक में हुआ बड़ा फैसला, पूरे प्रदेश में मल्टी स्टोरी काम्पलेक्स में रह रहे उपभोक्ताओं से बिल्डरों व नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ से कई गुना अधिक वसूली पर अब लगेगा विराम, जल्द बनेगा नया कानून।
- आयोग द्वारा कानून पारित होते ही उपभोक्ता सीधे बिजली विभाग से ले सकेंगे बिजली का कनेक्शन।
लखनऊ, 29 जनवरी। पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर सिंगल प्वाइंट कनेक्शन लेकर बिल्डर मल्टी स्टोरी काम्पलेक्सों में सीधे सादे घरेलू उपभोक्ताओं का लम्बे समय से आर्थिक शोषण किये जाने के मुद्दे पर आज उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व सप्लाई कोड रिव्यू पैनल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा व प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा के बीच सचिवालय में बैठक एक कर बड़ा हल निकाला गया। इस दौरान ऊर्जामंत्री के समक्ष अनेकों ऐसे उपभोक्ता भी पहुंचे थे, जिनका बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर आर्थिक शोषण किया जा रहा था। ऊर्जामंत्री ने कहा कि जल्द ही उप्र में मल्टी स्टोरी काम्पलेक्स में सिंगल प्वाइंट के तहत बिजली ले रहे उपभोक्ताओं के लिये एक नया कानून बनेगा और वह सीधे बिजली विभाग से नया कनेक्शन ले सकेंगे और इससे उनका उत्पीड़न समाप्त होगा। नियामक आयोग इस दिशा में पहले से ही प्रयासरत् है।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया कि पूरे प्रदेश में मल्टी स्टोरी काम्पलेक्स में बड़े पैमाने पर बिल्डर सिंगल प्वाइंट कनेक्शन लेकर नियामक आयोग द्वारा तय विद्युत दर से भिन्न दर वसूल कर रहे हैं और वह भी कई गुना ज्यादा। आयोग द्वारा तय टैरिफ सिंगल प्वाइंट बल्ब सप्लाई घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से 95 रू0 प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज व रू0 6.10 प्रति यूनिट की दर से उपभोक्ताओं से वसूल किया जाना चाहिए। आयोग द्वारा तय टैरिफ के अलावा केवल 5 प्रतिशत अधिक वसूले जाने के लिये बिल्डरों व टाउनशिप को अधिकृत किया गया था, लेकिन पूरे प्रदेश से बड़े पैमाने पर यह शिकायत आ रही है कि कुछ बिल्डरों द्वारा अपने उपभोक्ताओं से 15 से 25 रू0 प्रति यूनिट की दर से वसूली की जा रही है और कनेक्शन लेते समय ऐसे उपभोक्ताओं से लाखों रूपये की भी वसूली की जाती है।
उपभोक्ता परिषद ने मा. मंत्री के सामने यह भी प्रस्ताव रखा कि नियामक आयोग द्वारा काफी सख्ती के बावजूद भी बिल्डरों द्वारा उत्पीड़न बन्द नहीं किया जा रहा है। इसलिये नियामक आयोग द्वारा इस पर एक नया कानून बनाया जाना जरूरी है कि उपभोक्ता के पास यह भी विकल्प हो कि वह सीधे बिजली कम्पनियों से भी बिजली का कनेक्शन ले सके। आयोग द्वारा इस दिशा में कार्यवाही भी शुरू कर दी गयी है, जिसमें बिजली कम्पनियों व पावर कार्पोरेशन की सहमति व प्रभावी सहयोग आवश्यक है। प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उपभोक्ता परिषद सप्लाई कोड रिव्यू पैनल में सदस्य के तौर पर अविलम्ब इस कानून को बनाने के पूर्णतः पक्ष में है।







