स्व. दिलीप सरोज के माता पिता के प्रस्ताव पर संघर्ष समिति उनके जन्मदिन जुलाई माह में गांव की पैतृक जमीन पर लगवायेगी उनकी प्रतिमा, जिससे दलित समाज अपने उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष की लेगा प्रेरणा
संघर्ष समिति संयोजकों ने लखनऊ में पहुंचकर की बैठक और सरकार से उठायी मांग दिलीप सरोज के दोषियों को सरकार दिलाये कड़ी सजा
लखनऊ, 18 फरवरी। विगत दिनों प्रतापगढ़ निवासी विधि छात्र दिलीप सरोज की इलाहाबाद में कुछ गुण्डा प्रवृत्ति के असामाजिक तत्वों द्वारा दिन दहाड़े निर्मम हत्या किये जाने के बाद आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय संयोजक मण्डल आज सुबह लखनऊ से चलकर प्रतापगढ़, कुण्डा स्व. दिलीप सरोज के गांव भुलसा पहुंचा और वहां उनके पिता श्री राम लाल सरोज, माता श्रीमती प्रेमलता सरोज सहित उनके परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते हुए आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की ओर से रू. 55 हजार की आर्थिक मदद भी प्रदान की। गौरतलब है कि आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत पूरे प्रदेश में इस प्रकार का कार्य करती रहती है।
लखनऊ से चलकर स्व. दिलीप सरोज के गांव पहुंचकर आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, पीएम प्रभाकर, बनी सिंह, राम बरन, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र व सुनील कनौजिया ने एक बार फिर उप्र सरकार से यह गुहार लगायी कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानेे के लिये सरकार हर सम्भव प्रयास करे।
स्व. दिलीप सरोज के पिता व माता जी ने आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजकों से यह प्रस्ताव रखा कि उनके पैतृक गांव की जमीन पर स्व. दिलीप सरोज की एक प्रतिमा स्थापित कराने में संघर्ष समिति उनका सहयोग करे, जिस पर संघर्ष समिति संयोजकों ने उनके गांव में उपस्थित अपने समाज के सामने यह ऐलान किया कि संघर्ष समिति उनके परिवार का यह सपना जल्द पूरा करेगी।
संघर्ष समिति संयोजक मण्डल द्वारा लखनऊ पहुंचकर इस पूरे प्रकरण पर एक आवश्यक बैठक की और गहन मंत्रणा के बाद यह निर्णय लिया कि स्व. दिलीप सरोज जिनका जन्मदिन जुलाई माह में पड़ता है, उस तिथि को संघर्ष समिति द्वारा उनकी प्रतिमा लगाकर समाज में यह संदेश देगी कि समाज के सभी लोग एक जुट हों और दिलीप सरोज से प्रेरणा लेकर दलित उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज बुलन्द करें।







