- कांग्रेस महासचिव ने कहा, प्रदेश सरकार सो रही, भाजपा प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने कहा, खुद सो रहीं प्रियंका, इस कारण नहीं दिख रहा मुआवजा का दिया जाना
ओलावृष्टि के बाद किसानों को मुआवजा न मिल पाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने यूपी सरकार को घेरा और लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर बरपे कहर के बावजूद सो रही है। किसानों को मुआवजे का कोई भरोसा नहीं दिया गया है। प्रियंका के आरोप पर भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी खुद सो रही हैं। इस कारण उन्हें मुआवजा दिया जाना नहीं दिख रहा, जबकि अब तक के इतिहास में सरकार सबसे ज्यादा त्वरित गति से मुआवजा दिये जाने का काम किया है।
मंगलवार को दोपहर को प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया कि उप्र के लगभग 74 जिलों में हुई भारी बारिश, ओला वृष्टि से लाखों किसानों की फसल चौपट हो गई। चंदौली में एक किसान की सदमे से मौत हो गई और बरेली में एक किसान ने आत्महत्या कर ली। भाजपा सरकार किसानों पर बरपे कहर के बावजूद सो रही है। किसानों को मुआवजे का कोई भरोसा नहीं दिया गया है।
उनके ट्वीट के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा स्वयं ही सो रही हैं। इस कारण उन्हें न तो किसानों का दर्द दिख रहा है और न ही सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा। उन्होंने कहा कि उनका व्यवहार तो ऐसे लग रहा है, जैसे अर्धनिद्रा में बिना कुछ जाने उन्होंने ट्वीट कर दिया हो। उन्हें यह ज्ञात होना चाहिए कि ओलावृष्टि के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने इसकाे संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों से जल्द नुकसान का आकंलन करने का निर्देश दिया। दूसरे दिन से ही प्रभारी मंत्री खुद जिलों में जाकर किसानों के खेती पर पड़े प्रभाव का निरीक्षण करना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि इतनी त्वरित गति से तो कभी भी राहत नहीं पहुंचाई गयी। इस बार हर प्रभावित जिले में मंत्री पहुंचकर किसानों के खेतों का निरीक्षण किये। काफी संख्या में किसानों को राहत राशि दे भी दी गयी। इसके बावजूद प्रियंका वाड्रा को नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ हर कार्य में अपनी राजनीति देखती हैं। ऐसे समय में उनको खुद किसानों के पास जाकर उन्हें हमदर्दी जतानी चाहिए तो बैठकर ट्वीट की राजनीति कर रही हैं। इसका कारण है एसी कल्चर में पैदा हुआ और उसी में जिंदगी गुजारने वाला गांव का दर्द कैसे महसूस कर सकता है। वह तो सिर्फ राजनीति ही कर सकता है।







