हिंसा में मृत हुए लोगों को प्रियंका का पत्र: मृतकों के परिवार से मिला कांग्रेस व सपा का प्रतिनिधि मंडल
फिरोजाबाद, 04 जनवरी, 2020: नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा में मृत हुए लोगों से कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का एक पत्र भी सुनाया है, जिसमें कांग्रेस महासचिव ने लिखा है कि अपनों को खोने का गम क्या होता है, मैं दिल की गहराइयों से जानती हूं। इसके साथ ही पूर्व सपा सांसद के नेतृत्व में सपा के प्रतिनिधि मंडल ने भी परिजनों से वार्ता कर उन्हें ढ़ाड़स बंधाया है।
नागरिकता संसोधन एक्ट के विरोध में 20 दिसम्बर को जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गयी थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पीएल पुलिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता राशिद अल्वी व राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल का एक प्रतिनिधि मंण्ड़ल गुपचुप तरीके से हिंसा में मृत हुए लोगों के घर पहुंचे और परिजनों से वार्ता कर उन्हें ढ़ांडस बंधाया।
प्रतिनिधि मंण्ड़ल ने मृतक के परिजनों को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का पत्र भी सुनकर सुनाया, जिसमें प्रियंका गांधी ने लिखा है कि अपनो को खोना क्या होता है। मैं दिल की गहराइयों से समझती हूं। आपके साथ जो हुआ है, उसकी कोई भरपाई तो नहीं की जा सकती। मगर ऐसे मौके पर एक दूसरे का हाथ थामने से भी मन को तसल्ली मिलती है। आप कतई अपने को अकेला न समझे, हौसला न खोंए, हम आपके साथ है। हमें आगे बढ़ना है और इंसाफ की मांग को मजबूत करना है। इंसाफ को बांटने वाली ताकते मुल्क को कमजोर कर रही है। हमें अपने प्यारे मुल्क और संविधान को बचाने के लिये लड़ना है। जब भी और जहां भी हमारी जरूरत हो आवाज देने में हिचक न करें। आपकी साथी प्रियंका गांधी वाड्रा। इस दौरान कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रकाश निधि गर्ग मौजूद रहे।
इसके साथ ही सपा के पूर्व सांसद अक्षय यादव, एमएलसी डाॅ दिलीप यादव, हिकमत उल्ला खां के नेतृत्व में सपा नेता भी हिंसा में मृत हुये लोगों के घर पहुंचे और परिजनों से वार्ता कर उन्हें ढ़ांडस बंधाया। सपा के पूर्व सांसद अक्षय यादव ने कहा कि हंगामा करने वाले लोग तो भाग गये लेकिन बेगुनाह लोगों पर पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें छह लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि इसकी जुडिशियल जांच होनी चाहिये।







