पटना, 02 फरवरी 2021 : राष्ट्रीय न्यास से दी जा रही 100000 प्रतिवर्ष की निरामया योजना में दिव्यांगजनों से इंश्योरेंस में निबंधन में लगने वाली राशि को माफ करने का प्रस्ताव आज आस्था चैरिटेबल एंड वेलफेयर सोसाइटी (SNAC, Bihar, राष्ट्रीय न्यास, दिव्यांग्जन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ) की बैठक में दिया गया, ताकि बिहार के ज्यादा से ज्यादा दिव्यांगजन इसमें अपना निबंधन प्राप्त कर सकें और इस योजना का लाभ ले सकें।
उक्त प्रस्ताव आस्था चैरिटेबल एंड वेलफेयर सोसाइटी (SNAC, Bihar, राष्ट्रीय न्यास, दिव्यांग्जन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ) के बिहार के सचिव एवं समन्वयक डॉक्टर उमा शंकर सिन्हा द्वारा राष्ट्रीय न्यास से निबंधित संस्थाओं के साथ बैठक में दिया गया। इस बैठक में राष्ट्रीय न्यास भारत सरकार के बोर्ड मेंबर डॉ आशीष कुमार और मुख्य अतिथि राज आयुक्त निसक्कता डॉक्टर शिवाजी कुमार मौजूद रहे। इस बैठक में देश भर से दिव्यांगता में कार्य कर रहे समाजसेवी संस्थाएं उत्कृष्ट दिव्यांगजन अभिभावक एवं भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया ।
इसके अलावा आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 में संस्थाओं के निबंधन से जुड़ी हुई थी, जिसमें बहुत ही समय लगता है इसलिए इस बैठक में निर्णय लिया गया। जिस संस्था का अनुदान 10000000 रुपए से ऊपर हो उसकी जांच जिलाधिकारी के द्वारा की जाएगी। जिनका अनुदान एक करोड़ से नीचे हो उसकी जांच ए डी एस एस अधिकारी से की जाएगी।
इसके अलावा जिन संस्थाओं का कोई अनुदान नहीं है वैसी संस्थाओं के लिए डॉक्टर शिवाजी कुमार के द्वारा स्नेक बिहार डाक्टर उमा शंकर सिन्हा जी को 5 सदस्य कमेटी बनाकर अनुशंसा करने का अधिकार दिया गया। नेशनल ट्रस्ट के बोर्ड ने मेंबर ने बिहार स्नेक आस्था चैरिटेबल के कार्यों की सराहना की और देश भर से आए संस्थाओं का तथा बिहार सरकार के द्वारा दिव्यांगज़नो के बेहतर कार्यों के लिए प्रशंसा एवं धन्यवाद किया और आश्वासन दिया राष्ट्रीय न्यास से जो भी मदद बिहार के दिव्यांग जनों ज़रूरत होगी उसे पूरी की जाएगी।







