बिजली दर बढ़ोत्तरी का प्रस्तावित विज्ञापन छपा, उपभोक्ता परिषद ने उठाये सवाल, दरों में कमी के लिये तेज की लामबन्दी

0
122
  • उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व नियामक आयोग चेयरमैन से की मुलाकात, उपभोक्ता परिषद ने निजी घरानों की प्रस्तावित महंगी बिजली खरीद का किया खुलासा और कहा इस पर लगायें अंकुश और करायें जांच
  • प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने कहा महंगी बिजली खरीद की होगी छानबीन करायी जायेगी आडिट उसी क्षण अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को परीक्षण कर कार्यवाही का दिया निर्देश

लखनऊ,04 जुलाई 2019: प्रदेश की बिजली कम्पनियों की तरफ से जहां घरेलू ग्रामीण बीपीएल किसानों की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी का विज्ञापन आज समाचार पत्रों में छप गया है और 15 दिन में आम जनता की राय मांगी गयी है। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद ने आक्रामक रणनीति बनाते हुए बिजली दरों में बढ़ोत्तरी रोकने के लिये चारों तरफ से घेराबन्दी शुरू कर दी है। उसी क्रम में आज उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य जहां अलग-अलग प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर लम्बी चर्चा की वहीं नियामक आयोग के चेयरमैन श्री आरपी सिंह से भी नियामक आयोग में मुलाकात कर पावर कार्पोरेशन के विज्ञापन में रेगुलेटरी एसेट पर विरोध दर्ज कराया।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा के सामने यह मुद्दा उठाया कि बिजली कम्पनियों का कुल एआआर 75 हजार 201 करोड़ है, उसमें केवल बिजली खरीद का अंश 54 हजार 76 करोड़ है और उसमें केवल निजी घरानों से खरीदी जाने वाली कुल बिजली का मूल्य रू0 20 हजार 518 करोड़ प्रस्तावित है। यदि निजी घरानों की महंगी बिजली पर अंकुश लगा लिया जाये तो आम जनता के बिजली दरों में कोई भी बढ़ोत्तरी नहीं करनी पड़ेगी। उपभोक्ता परिषद ने उदाहरण के तौर पर वर्ष 2019-20 के लिये प्रस्तावित निजी घरानों की कुछ उत्पादन गृहों से खरीद की जाने वाले प्रस्तावित महंगी बिजली के आंकड़े पेश किये जो चैंकाने वाले थे।

निजी उत्पादन गृह का             नाम प्रस्तावित औसत                        बिजली दर प्रस्तावित मूल्य
ललितपुर (बजाज ग्रुप)           9.47 प्रति यूनिट                            5196 करोड़
रोजा-। (रिलायंस ग्रुप)           6.09 प्रति यूनिट                            2881 करोड़
श्रीनगर एच0ई0पी0              5.71 प्रति यूनिट                            659 करोड़
आर0के0एम0 पावर              4.87 प्रति यूनिट                           718 करोड़
केएसकी महानन्दी                4.87 प्रति यूनिट                           1931 करोड़
तीसता-।।।                        4.91 प्रति यूनिट                           387 करोड़
एम0वी0 पावर                    4.79 प्रति यूनिट                           1202 करोड़

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा जहां निजी घरानों की कुल औसत बिजली खरीद रू0 4.73 प्रति यूनिट आ रही है, वहीं राज्य सेक्टर के उत्पादन गृहों की कुल औसत विद्युत मूल्य रू0 3.56 प्रति यूनिट और केन्द्रीय सेक्टर से उत्पादित होने वाली बिजली का औसत विद्युत मूल्य रू0 3.46 प्रति यूनिट प्रस्तावित की गयी है। ऐसे में निजी घरानों की महंगी बिजली दर की जांच होनी चाहिए।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री कान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार हमेशा से सस्ती बिजली खरीदने की पक्षधर रही है। पुरानी सरकारों के कारण जो मजबूरन महंगी बिजली खरीदनी पड़ रहीं है, ऐसे में पूरे मामले की छानबीन करायी जायेगी और साथ ही आडिट भी कराया जायेगा। उसी क्षण मा0 ऊर्जा मंत्री जी ने उपभोक्ता परिषद के ज्ञापन पर अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को पूरे मामले का परीक्षण कर कार्यवाही के निर्देश भी जारी कर दिये गये।

वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग चेयरमैन से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत देते हुए कहा कि बिजली कम्पनियों ने बड़ी चालाकी से विज्ञापन में वर्ष 2016-17 तक रेेगुलटरी एसेट 42 हजार 645 करोड़ दिखाया है, जब कि उदय स्कीम के तहत रेगुलेटरी एसेट के मामले में नियामक आयोग द्वारा जो प्रपत्र जारी किया गया है, उसमें प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर लगभग 11 हजार 852 करोड़ निकल रहा है, जिसकों छिपाया गया है। जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, आयोग हस्तक्षेप करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here