बोले, कांग्रेस को जड़ से उखाड़कर फेंक दें
भोपाल, 04 मई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को राजधानी भोपाल पहुंचे। 2 घंटे के अल्प प्रवास के दौरान शाह ने दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय विस्तारित बैठक में कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव में जीत का मंत्र दिया l इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश में चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस बार जीत का अंतर ऐसा होना चाहिए कि विरोधियों की आवाज ही बंद हो जाए। कार्यकर्ता अब से लेकर काउंटिंग तक खुद को पूरी तरह पार्टी के लिए झोंक दें और कांग्रेस को जड़ से उखाड़कर फेंक दें।
उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में प्रदेश स्तरीय विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार भी कार्यकर्ता जीत का संकल्प लें। जीत भी ऐसी हो कि दुश्मनों को दिल के दौरे पड़ जाएं। कार्यकर्ता विधानसभा के साथ अभी से लोकसभा चुनावों की तैयारी में भी जुट जाएं। वह खुद को झोंक दें और कांग्रेस को उखाड़कर फेंक दें। उन्होंने कहा कि एक बार उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का बयान सुना था, जिसमें वह दावा कर रहे थे कि इस बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। उनका बयान सुनकर मैं हैरत में था कि राहुल आखिर किस आधार पर ऐसा कह रहे हैं। कांग्रेस शेख चिल्ली के सपने देख रही है। कांग्रेस में दम नहीं है कि मध्य प्रदेश में भाजपा को हरा सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने का काम कर रही है। जातिवाद से लेकर साम्प्रदायिकता के मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस पार्टी ने हिन्दू आतंकवाद, भगवा आतंकवाद जैसे शब्द गढ़कर हिन्दू संस्कृति को अपमानित किया। फर्जी केस बनाकर हिन्दुओं को बदनाम किया गया। हिन्दू आतंकवाद के नाम पर गलत धारणाएं फैलाई गईं। यहां तक की कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति से लेकर अन्य संवैधानिक पदों को भी विवादों में घसीटकर देश को नीचा दिखाने का काम किया है। इसके उलट नरेंद्र मोदी जी सबको जोड़ने का काम कर रहे हैं। वह सबका साथ, सबका विकास की बात कर रहे हैं।

अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि कुछ लोग प्रदेश में एंटी इंकम्बंसी की बात कह रहे हैं। लेकिन कार्यकर्ता याद रखें कि यह शब्द कांग्रेस की सरकारों के साथ जुड़ा है, क्योंकि सत्ता में रहते हुए कांग्रेसी उसे भोगने में लगे रहते हैं। इसलिए एंटी इंकम्बंसी का असर कांग्रेस पर होता है, भाजपा पर नहीं। कार्यकर्ता इसी हौसले के साथ जनता के बीच जाएं। कार्यकर्ता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। अमित शाह ने अपने संबोधन के अंत में दो क्षेत्रों का जिक्र किया। उनका इशारा चंबल और महाकौशल की ओर था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो क्षेत्र ऐसे हैं, जहां भाजपा को जीत के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन इस बार इन दोनों क्षेत्रों में भी हमारी जीत होगी। मोदी जी, शिवराज जी और राकेश जी के नेतृत्व में भाजपा की जीत तय है।
अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश पहले बीमारु राज्यों में आता था। हम गुजरात से महाकाल के दर्शन के लिए आते थे, तो सड़कों में गड्ढे आते ही हमारी नींद टूट जाती थी और हमें पता चल जाता था कि मध्य प्रदेश आ गया है। लेकिन जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से यहां विकास की राह बनीं। शिवराज जी के नेतृत्व में प्रदेश बीमारु राज्य से प्रगतिशील राज्य बना है। अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने भाजपा के विस्तार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद हमने कई चुनाव जीते। हमने 14 राज्यों में भाजपा की सरकार बनाई। अब 15वें राज्य कर्नाटक की बारी है। कार्यकर्ता पटाखें तैयार रखें, कर्नाटक में भाजपा की ही जीत होगी।
अमित शाह से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने 15 सालों को याद करते हुए कहा कि हमने प्रदेश की तस्वीर बदली है। कांग्रेस के शासनकाल में जहां मध्य प्रदेश की गिनती पिछड़े राज्यों में होती थी वहीं हमने हर क्षेत्र में काम किया। कृषि दर, विकास दर के आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश ने विकास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि मेरे कुर्सी छोड़ने वाले बयान पर कांग्रेसी उछल पड़े। उन्होंने सपने देखना भी शुरु कर दिया था। सीएम ने अमित शाह की जमकर तारीफ की। उन्होंने अमित शाह को भारत की राजनीति का चमत्कार बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी। इस बैठक में करीब पांच हजार पदाधिकारी-कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप के सदस्य, प्रदेश कार्यकारिणी, सांसद, विधायक, पिछला चुनाव लड़े उम्मीदवार, जिला पदाधिकरी, मंडल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विभिन्न मोर्चे के पदाधिकारी शामिल थे।







