दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा का आरोप
नई दिल्ली, 06 अप्रैल। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्र का दावा है कि दिल्ली में चार लाख फर्जी राशन कार्ड मिला है। उनका कहना है कि चार लाख कार्ड का मतलब 20 लाख परिवार। इसका मतलब लगभग 20 लाख लोगों का राशन दिल्ली सरकार डकार गई। उनका कहना है कि कैग की रिपोर्ट पर भरोसा किया जाए तो प्रत्येक महीने 150 करोड़ रुपए का राशन गायब हो रहा था। उनका कहना है, एक साल में करीब 1800 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। तीन वर्ष का लेखा-जोखा निकाला जाए तो यह करीब 5400 करोड़ का घोटाला है।
कपिल ने कैग की रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार पर हमला बोल दिया है। उनका दावा है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में यह घोटाला तीन वर्षों से अनवरत जारी था। ऐसा हो ही नहीं सकता कि सरकार को इसकी भनक न हो। कपिल का दावा है कि दिल्ली सरकार को 31 जनवरी को फर्जी कार्ड के डाटा की सूचना मिली। जांच के बाद 28 फरवरी को चार लाख कार्ड फर्जी निकले। लेकिन 10 मार्च 2018 को दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन ने यह आदेश दिया कि फर्जी कार्ड निरस्त नहीं होंगे।
उन्होंने कहा तीन साल तक केजरीवाल ने कभी राशन घोटाले की बात नहीं की। लेकिन जनवरी में मशीनें लगने के बाद जैसे ही फर्जी राशन कार्ड पकड़े गए, केजरीवाल ने ड्रामा शुरू कर दिया। ये सारा घोटाला राशन की डिलीवरी में हुआ, केजरीवाल अब डोर स्टेप डिलीवरी की बात करने लगे। यह घोटाला इसलिए पकड़ा गया, क्योंकि सरकारी गाडिय़ों का ऑडिट कैग ने किया। डोर स्टेप डिलीवरी में सारा कुछ प्राइवेट कंपनी को दिया जाएगा, कैग जिसका ऑडिट नहीं कर पाएगा। कपिल ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल चाहते हैं कि कैग भी उनकी सरकार के घपलों का खुलासा न कर पाए।







