कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामले में कहा
नई दिल्ली,19 अप्रैल। इन दिनों कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामले में पीएम मोदी की चुप्पी उनके विरोध को उनपर हमला करने का मौका दे रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कठुआ और उन्नाव बलात्कार के मामले में लंबे समय तक पीएम मोदी की चुप्पी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कभी जो सलाह मुझे दी थी, अब उसपर खुद अमल करें। इन गंभीर मौकों पर चुप रहकर मौन मोदी हो चुके है। अग्रेंजी अखबार से बातचीत में डॉ.मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात पर खुशी है कि इतने लंबे समय तक चुप्पी बनाए रखने के बाद आखिरकार पीएम मोदी बाबा साहब अंबेडकर की जयंती के मौके पर इन गंभीर मामलों पर बयान दिया।
शुक्रवार को पीएम मोदी ने कहा था कि भारत की बेटियों को न्याय मिलेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मनमोहन सिंह से जब यह पूछा गया कि बीजेपी उनका मजाक बनाते हुए उन्हें मौन मोहन सिंह कहती थी,तो पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पूरे जीवन इस तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा,मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री (मोदी) जो मुझे सलाह दिया करते थे,उसपर उन्हें खुद अमल करना चाहिए और अक्सर बोलते रहना चाहिए। मीडिया से मुझे पता चला था कि वह मेरे न बोलने पर आलोचना किया करते थे। उन्हें अब खुद मुझे दी गई सलाह पर अमल करना चाहिए।’
मनमोहन सिंह ने कहा कि दिल्ली में 2012 में हुई गैंगरेप की घटना (निर्भयाकांड) के बाद कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार ने जरूरी कदम उठाए थे और बलात्कार के मामलों को लेकर कानून में बदलाव किया था। उन्होंने कहा कि कठुआ मामले को जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती को और ज्यादा गंभीरता से हैंडल करना चाहिए था। उन्हें शुरू से ही इस मसले को अपने हाथ में रखना चाहिए था। उन्होंने कहा, हो सकता है कि उन पर अपने सहयोगी दल बीजेपी का दबाव रहा हो, खासकर यह देखते हुए कि बीजेपी के दो मंत्री बलात्कार के आरोपियों के समर्थन में आ गए थे। ‘उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकारें कानून और व्यवस्था, खासकर महिलाओं की सुरक्षा, मुस्लिमों की हत्या और दलितों के उत्पीड़न, को लेकर कुछ नहीं कर रहीं।







