लखनऊ, 09 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर मुंबई में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की विपक्षी पार्टियों को लेकर की गई टिप्पणी पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने शनिवार को तीखा पलटवार किया था। जिस पर मायावती ने उनके बयान की निंदा करते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता के अहंकार में जनता को मूर्खों की जमात समझने की भूल कर रही है। विपक्षी पार्टियों की तुलना सांप, बिल्ली, नेवले और कुत्ते से तुलना करने वाले अमित शाह के बयान पर मायावती ने कहा कि ऐसी ही आपत्तिजनक ‘संघी’ भाषा का इस्तेमाल गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान भी किया गया था। जहां जनता ने उन्हें जोरदार चाबुक लगाकर हार का कड़ा सबक सिखाया।
सुश्री मायावती ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर में हार मिलने के बावजूद बीजेपी के बड़े नेता अपनी आपराधिक मानसिकता और संघी चाल के आगे मजबूर नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। मायावती ने कहा,अमित शाह का बयान दिखाता है कि गुरु (नरेंद्र मोदी) और शिष्य (अमित शाह) के नेतृत्व में बीजेपी का स्तर किस हद तक नीचे गिर गया है।’
बीजेपी के स्थापना दिवस पर 6 अप्रैल को मुंबई में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा था, 2019 (चुनाव) के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। विपक्षी एकजुटता की कोशिश हो रही है। जब भारी बाढ़ आती है तो सब कुछ बह जाता है। केवल एक वटवृक्ष बचता है और बढ़ते पानी से खुद को बचाने के लिए सांप, नेवला, कुत्ते और बिल्लियां और अन्य जानवर साथ आ जाते हैं। उन्होंने कहा था, मोदी बाढ़ के कारण सभी बिल्ली,कुत्ते, सांप और नेवला मुकाबला करने साथ आ रहे हैं। अमित शाह के इस बयान की कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने भी निंदा की है। विपक्षियों का कहना है कि अमित शाह राजनीतिक चर्चा को एक ‘नए निचले स्तर’ पर ले गए हैं।







