नई दिल्ली,12 अप्रैल। वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले सोमवार से अपने कार्यालय का कामकाज पुन: शुरू कर सकते हैं। उससे पहले इस सप्ताह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित अरुण जेटली की दो बार और डायलिसिस करायी जा सकती है। 65 साल के जेटली को शुक्रवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती किया था। वहां दो दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद कल उनका डायलिसिस किया गया। उन्हें घर पर नियम – परहेज के साथ रहने की सलाह के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।
सूत्रों ने कहा कि इस सप्ताह जेटली की दो और डायलिसिस होंगी। उसने कहा कि जेटली 16 अप्रैल से कामकाज शुरू कर सकते हैं। वह पिछले सोमवार से दफ्तर नहीं जा रहे हैं। हालांकि मंत्री घर पर हैं लेकिन उन्हें संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए ज्यादा लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अस्तपाल जाने से पहले जेटली को गुर्दा प्रतिरोपित किए जाने की चर्चा थी। लेकिन उनका इलाज कर रहे डाक्टरों ने उन्हें कुछ समय के लिये डायलिसिस और दवाओं पर रहने की सलाह दी है।
गुर्दों के ठीक से काम न करने पर रक्त की मशीन से सफाई के लिए डायलिसिस की जाती है। जेटली राज्य सभा के हाल के चुनावों में फिर चुन लिए गए हैं पर अपनी इस तकलीफ की वजह से सदस्यता की शपथ नहीं ले सके हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वित्त मंत्री का इलाज अपोलो अस्पताज के गुर्दा प्रतिरोपण विशेषज्ञ संदीप गुलेरिया कर रहे हैं। वह एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के भाई हैं और जेटली के परिवारिक मित्र हैं।







