आरटीआई में खुलासा: पूछा कि क्या ‘सीएमओ’ में सोने की चाय पी जाती है?
मुंबई, 30 मार्च। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री सचिवालय अर्थात ‘सीएमओ’ ने साल 2017 में तीन करोड़ रुपए से अधिक की चाय पी डाली। इसका खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। आरटीआई के जरिए मिली इस जानकारी को मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने सबके सामने रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछा कि क्या ‘सीएमओ’ में सोने की चाय पी जाती है? सीएमओ की तरफ से सफाई देते हुए कहा गया कि आरटीआई में दी गई जानकारी का गलत मतलब निकाला जा रहा है। पिछले सप्ताह बीजेपी नेता एकनाथ खडसे ने आरटीआई के जरिए मंत्रालय का चूहा घोटाला उजागर करके मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था। अब मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने सीएमओ में चाय घोटाले का भंडाफोड़ किया है।
उन्होंने आरटीआई के मिली जानकारी को मीडिया के सामने रखा। आरटीआई रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएमओ ने 2017-18 में चायपान और अल्पाहार पर तीन करोड़ 34 लाख 64 हजार 905 रुपए खर्च किए हैं, जबकि 2016-17 में यह खर्च एक करोड़ 20 लाख 92 हजार 972 रुपए था। वहीं, 2015-16 में 57 लाख 99 हजार 156 रुपए खर्च किए गए थे। निरुपम ने कहा कि सीएमओ के चायपान और अल्पाहार के खर्च में 577 प्रतिशत की बढ़ोतरी अस्वाभाविक है। क्या सीएमओ में रोजाना 18 हजार 500 कप चाय पी जाती है?
निरुपम के इन आरोपों के जवाब में सीएमओ ने अपनी सफाई में कहा कि आरटीआई में दी गई जानकारी का गलत अर्थ निकाला गया है। यह रकम सिर्फ चाय पर खर्च नहीं हुई है, अपितु इसमें चाय, नाश्ता, खाना, मंत्रिमंडल की बैठकों में परोसा जाने वाला नाश्ता, सत्कार के लिए लगने वाले पुष्पगुच्छ, शॉल-श्रीफल, गिफ्ट, विभिन्न विभागों की बैठक, मुख्यमंत्री से मिलने आने वाले शिष्टमंडल आदि के स्वागत सत्कार का खर्च भी शामिल है।







