बादलों ने बाहर पड़े धान को लेकर किसानों की बढ़ाई चिंता, लेकिन बारिश से रबी की फसलों को होगा फायदा

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जनवरी माह की बारिश से रबी की फसलों में वृद्धि होती है, पैदावार में भी होती बढ़ोत्तरी

कहीं-कहीं बूंदाबादी के साथ पूरे प्रदेश छाये बादल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यह चिंता धान बाहर होने के कारण बढ़ी है लेकिन रबी की फसलों के लिए हल्का बारिश फायदेमंद भी है। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन तक प्रदेश में बादल छाए रहने की आशंका है। वहीं कृषि विशेषज्ञों के जनवरी माह में हल्की बारिश रबी की हर फसल के लिए फायदेमंद होता है। यदि भारी बारिश हो गयी तो सरसों को कुछ नुकसान पहुंचा सकता है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पहाड़ों पर सक्रिय चल रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण पछुआ हवा कमजोर पड़ी है। ठंडी हवाओं का प्रभाव उतना नहीं रहा। इसके कारण अगले दो दिन तक बादल छाए रहने की संभावना है। गुरुवार से मौसम सामान्य होना शुरू होगा। इस बीच कहीं-कहीं ओले भी पड़ सकते हैं।

वहीं उद्यान विभाग के उप निदेशक अनीस श्रीवास्तव का कहना है कि वायुमंडल में 78 प्रतिशत नाइट्रोजन है और जब बारिश होती है तो वह कुछ अंश लेकर आता है। इससे फसलों को फायदा ही होगा। उन्होंने कहा कि जनवरी माह का बारिश हमेशा रबी की फसल को फायदा पहुंचाता है। फरवरी माह में यदि बारिश होती है तो वह फसल के लिए नुकसान दायक है। यदि इस बीच ओला गिर गया तो वह फसल के लिए नुकसानदायक है।

उन्होंने कहा कि बरसात होने के कारण ठंड का असर कम हो जाएगा। इससे ठंड के कारण होने वाले रोग से फसल को मुक्ति मिल जाएगी। पानी गिरने से फसलों की पत्तियां साफ हो जाएगी। इससे ऊर्जा संस्करण के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। यदि बारिश हो गयी तो पौधों की वृद्धि ज्यादा होती है। इससे पैदावार भी बढ़ जाती है। बदल रहे मौसम से किसानों को बहुत घबराने की जरूरत नहीं है। बारिश का होना केला, मिर्च, टमाटर सबके लिए फायदेमंद है।

वहीं प्रगतिशील किसान राजेश मिश्रा ने बताया कि सर्वाधिक परेशानी का कारण खलिहान में पड़ा हुआ धान है। यदि बारिश हो गयी तो उसको ढकने के बावजूद कुछ नुकसान पहुंचा देगा। इस कारण सबकी चिंता बढ़ गयी है। यदि ओला पड़ गया तो हर तरफ तबाही दिखने लगेगी।

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