राहुल गांधी का बड़ा दावा: विपक्ष को डिजिटल मतदाता सूची क्यों नहीं दी जा रही?
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर और “वोट चोरी” हुई, जिसके सबूत उनकी पार्टी के पास हैं। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “यह व्यवस्थित रूप से पूरे देश में हो रहा है। पहले हमारे पास सबूत नहीं थे, लेकिन अब हमारे पास हैं। कई और सीटों पर खुलासे होंगे। पिक्चर अभी बाकी है।”राहुल गांधी ने विशेष रूप से कर्नाटक की बैंगलोर सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 1,00,250 फर्जी वोट डाले गए। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने मतदाता सूची का विश्लेषण किया, जिसमें डुप्लिकेट वोटर, फर्जी पते और अवैध तस्वीरों जैसे 11,965 डुप्लिकेट वोटर, 40,009 फर्जी पते वाले वोटर और 4,132 अवैध तस्वीरों वाले वोटरों की पहचान की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग डिजिटल मतदाता सूची विपक्ष को उपलब्ध नहीं करा रहा और सबूतों को नष्ट करने के लिए सीसीटीवी फुटेज को 45 दिनों के बाद हटा दिया जाता है। राहुल ने पांच सवाल उठाए:
- विपक्ष को डिजिटल मतदाता सूची क्यों नहीं दी जा रही?
- सीसीटीवी फुटेज क्यों मिटाए जा रहे हैं?
- फर्जी वोटिंग और मतदाता सूची में हेरफेर क्यों?
- विपक्षी नेताओं को धमकाने का कारण क्या है?
- क्या चुनाव आयोग अब बीजेपी का एजेंट बन गया है?
चुनाव आयोग और बीजेपी का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल के दावों को “भ्रामक” करार देते हुए उन्हें शपथपत्र के साथ अपने दावों को साबित करने या माफी मांगने को कहा। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने राहुल को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर सबूत जमा करने को कहा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल द्वारा दिखाए गए दस्तावेज, जैसे शकुन रानी के दो बार वोट देने का दावा, गलत हैं, क्योंकि शकुन रानी ने केवल एक बार वोट दिया।
बीजेपी ने राहुल के आरोपों को “निराधार” और “हास्यास्पद” बताया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस केवल अपनी हार का बहाना ढूंढ रही है।
विपक्ष का एक जुट समर्थन
राहुल के दावों को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि राहुल के आरोप तथ्यों पर आधारित हैं और आयोग को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो लोगों ने उन्हें 160 सीटें जिताने का ऑफर दिया था, जिसे उन्होंने और राहुल ने ठुकरा दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर, शिवसेना (यूबीटी) के आदित्य ठाकरे और राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी राहुल का समर्थन किया।
चुनाव आयोग ने दी चेतावनी – सात साल तक की सजा हो सकती है
चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि राहुल अपने दावों को शपथपत्र के साथ साबित नहीं करते, तो उनके खिलाफ प्रतिनिधित्व जनता अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत एक साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता की धारा 227 और 337 के तहत गलत सबूत देने या दस्तावेजों में हेरफेर के लिए सात साल तक की सजा हो सकती है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वे जल्द ही अन्य सीटों पर भी ऐसे खुलासे करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर विपक्ष सत्ता में आया, तो इस “चुनावी धोखाधड़ी” में शामिल लोगों को सजा मिलेगी।







