नई दिल्ली, 16 अगस्त, 2021: देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस खुद को सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश में जुटी है। लेकिन कांग्रेस के लिए भी परिस्थितियां फिलहाल सही नहीं चल रही। अध्यक्ष पद से राहुल गांधी द्वारा इस्तीफा देने के बाद सोनिया गांधी फिलहाल अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की कमान संभाल रही हैं। हालांकि समय-समय पर पार्टी के कुछ दिग्गज नेताओं के द्वारा पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग की जाती है। उन दिग्गज नेताओं का दावा रहता है, संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष पद का चुनाव होना चाहिए।
माना जाता है कि यह नेता वह है, जो फिलहाल गांधी परिवार से खफा-खफा से हैं। इन नेताओं के ग्रुप को जी-23 का नाम दिया गया है। जी-23 उन नेताओं का समूह है, जो पिछले साल पत्र लिखकर सोनिया गांधी से अध्यक्ष पद के चुनाव कराने की मांग की थी। साथ ही साथ कई बड़े बदलाव की भी बात कही थी।
माना जा रहा है कि तभी से जी-23 के नेता फिलहाल गांधी परिवार से दूर होते जा रहे हैं। गांधी परिवार और इन नेताओं के बीच दूरियां भी दिख रही हैं। दूसरी ओर अपने जन्मदिन पर कपिल सिब्बल ने कई बड़े नेताओं को दावत देखकर गांधी परिवार और कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। कपिल सिब्बल का दावत देना इसलिए चर्चा का विषय बन गया क्योंकि इसमें गांधी परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं था। कपिल सिब्बल उन जी-23 नेताओं में से एक है, जो गांधी परिवार पर लगातार कांग्रेस को लेकर दबाव बना रहा है। कपिल सिब्बल ने बड़े-बड़े नेताओं को बुलाकर गांधी परिवार के सामने एक लकीर खींच दी।
विश्लेषक बताते हैं कि कपिल सिब्बल का यह दाव राहुल गांधी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। विपक्षी एकजुटता को लेकर की जा रही कवायद के सामने जी-23 के दिग्गज नेता ने एक बड़ी लकीर खींच दी है। माना जा रहा है कि फिलहाल जी-23 के नेता चुपचाप बैठने वाले नहीं हैं। हालांकि हाल में ही दिखाई दिया था कि जी-23 के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद और राहुल गांधी कश्मीर में एक मंच पर एक साथ नजर आए थे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जी-23 के नेता एक दूसरे से मुलाकात का सिलसिला बढ़ा सकते हैं। लेकिन यह मुलाकात या संपर्क छोटे-छोटे समूहों या फिर वन-टू-वन होगी।
सिब्बल की दावत में कई और नेता शामिल नहीं हुए थे। हालांकि उन तमाम नेताओं के साथ कपिल सिब्बल के संबंध बने हुए हैं। वह उनसे लगातार संपर्क में है और आने वाले दिनों में मुलाकात का भी प्लान है। माना जा रहा है कि यह ग्रुप आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तय करने में लगा है। लेकिन इसका अहम एजेंडा 2024 का चुनाव रहने वाला है। सवाल यह है कि आखिर कपिल सिब्बल ने अपने जन्मदिन पर ऐसा क्यों किया? इसके पीछे जानकार कुछ अलग क्रोनोलॉजी बता रहे हैं।
राहुल गांधी ने 10 अगस्त 2019 को इस्तीफा दिया इसके बाद सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष चुनी गई थीं। अगस्त के पहले हफ्ते में ही 2020 में जी-23 के नेता कांग्रेस लीडरशिप से पूर्णकालिक अध्यक्ष मसले को लेकर सवाल उठाकर चिट्ठी लिखी थी। इस घटना के 1 साल हो चुके हैं और इस याद दिलाने के लिए एक बार फिर से 10 अगस्त से ठीक 1 दिन पहले जी- 23 का अहम चेहरा माने जाने वाले कपिल सिब्बल ने दावत दे दी है।







