धार्मिक हो रहे हैं राहुल, ‘खरमास’ में नहीं करेंगे टीम की घोषणा

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file photo

नई दिल्ली 27 दिसम्बर। गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चढा धार्मिकता का रंग अब तक उतरा नहीं है। गुजरात चुनाव में हार का आत्ममंथन करने के लिए गुजरात गए राहुल गांधी सबसे पहले सोमनाथ मंदिर पहुंच कर दर्शन किए इसके बाद ही उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत की। लगता है इन दिनों हिंदू जीवन-दर्शन उन्हें रास आने लगा है, शायद यही वजह है कि खरमास होने की वजह से उन्होंने कांग्रेस संगठन में अपनी टीम की घोषणा को भी टाल दिया है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान जब मंदिरों का दौरा करना शुरू किया तो कहा गया कि वह हिंदू मतदाताओं को रिझाने के लिए हिंदुत्व की ओर जा रहे हैं। भाजपा ने उनकी भक्ति पर सवाल उठाए तो उन्होंने साफ किया कि वह शिवभक्त और जनेऊधारी ब्राह्मण हैं। उस समय यही माना गया कि वह गुजरात के हिंदुओं को रिझाने के लिए ही ऐसा कर रहे हैं, लेकिन गुजरात के नतीजे आने के बाद भी उन्होंने मंदिर जाना नहीं छोड़ा है। इसका मतलब यही है कि हिंदू जीवन-दर्शन ने इस बीच उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया है।

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से संगठन में उनकी टीम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसमें सोनिया के पुराने वफादारों की स्थान स्थिति होगी इसके भी अनुमान लगाए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल की टीम में शामिल होने वाले लोगों के नामों को अंतिम रूप दे दिया गया है, लेकिन फिलहाल खरमास के चलते राहुल अपनी टीम की घोषणा करने से बच रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि टीम राहुल की घोषणा अगले साल मकर संक्रांति के बाद ही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भाजपा भी खरवास में कोई महत्वपूर्ण कार्य करने से बतचीत है। हिमाचल और गुजरात में नए मुख्यमंत्री का निर्धारित अवधि के भीतर थपथ लेना संवैधानिक बाध्यता थी। विजय रूपाणी और जयराम ठाकुर की शपथ के लिए पंडितों से खास तौर पर विजय मुहूर्त निकलवाया गया।

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