नई दिल्ली, 31 जनवरी। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार सन 2016-17 में 21 इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट को चंदे के रूप में कुल 325.27 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सर्वाधिक 89 फीसदी रकम मिली है। रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में भाजपा को कुल 290.22 करोड़ रुपए मिले हैं। इसके बाद कांग्रेस को पांच फीसदी (16.5 करोड़) रकम, शिरोमणि अकाली दल को 2.75 फीसदी (9 करोड़) और सपा को 2 फीसदी (6.5 करोड़ रूपए) का दान मिला। पिछले चार वर्षों में राजनीतिक पार्टियों को कुल 637.53 करोड़ रुपये चंदे के रूप में मिले हैं। इन ट्रस्टों ने सबसे ज्यादा दान भाजपा को दिया है। भाजपा को पिछले चार सालों में करीब 77 फीसदी (488.94 करोड़ रुपये) रकम मिली है।
इसके बाद कांग्रेस को 86.65 करोड़ रुपये और एनसीपी को 10.78 करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा दान क्षेत्रीय पार्टियों में शिरोमणि अकाली दल को मिला है। अकाली दल को 11 करोड़ जबकि समाजवादी पार्टी को 8.19 करोड़ रुपये मिले है। सन 2013 में पहली बार 6 इलेक्टोरल ट्रस्ट सामने आए थे जिन्होंने राजनीतिक पार्टियों को चंदा दिया था। इन चुनावी ट्रस्टों को हर वित्त वर्ष में मिले चंदे का 95 प्रतिशत पंजीकृत राजनीतिक दलों को देना होता है। इन ट्रस्टों को 2013-14 में 85.37 करोड़, वर्ष 2014-15 में 177.4 करोड़ रुपये और 2015-16 में 49.5 करोड़ रुपये को चंदा मिला था। इन ट्रस्टों द्वारा चुनाव आयोग को दी गई सालाना रिपोर्ट के आधार पर एडीआर ने यह अध्ययन किया है।
पिछले साल की तुलना में इस साल चुनावी ट्रस्टों को मिले चंदे में काफी इजाफा हुआ है जबकि इस साल सिर्फ 6 इलेक्टोरल ट्रस्ट ने चंदे की जानकारी दी है। 6 चुनावी ट्रस्ट ने अब तक चंदे में मिली रकम की जानकारी नहीं दी है। 8 चुनावी ट्रस्टों ने कहा है कि उन्हें कोई चंदा नहीं मिला है। जबकि पिछले साल सितंबर महीने में जम्मू-कश्मीर में एक जनशक्ति इलेक्टोरल ट्रस्ट की स्थापना हुई थी, उसने अभी चंदे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। सबसे ज्यादा रकम चंदे के रुप में इस साल सत्या ट्रस्ट को मिला है। उसे 283.73 करोड़ मिले है। इस ट्रस्ट ने भाजपा को सबसे ज्यादा चंदा दिया है। भाजपा को सत्या ट्रस्ट ने करीब 252.22 (89 फीसदी) करोड़ रुपये दान में दिया है।
पिछले चार सालों में ट्रस्टों से विभिन्न पार्टियों को 637.53 करोड़ रुपये का चंदा मिला हैं। जिसमें राष्ट्रीय पार्टी भाजपा को 488.94 करोड़ रुपये, कांग्रेस को 86.65 करोड़ रुपये, एनसीपी को 10.78 करोड़ रुपये, सीपीएम को 0.02 करोड़ रुपये, टीएमसी को 2.03 करोड़ रुपये मिले हैं। क्षेत्रिय पार्टियां में अकाली दल को 11 करोड़, सपा को 8.17 करोड़, बीजेडी को 5.50 करोड़, आईएनएलडी को 5 करोड़, आप को 4 करोड़, शिवसेना को 3.31 करोड़, जेडीयू को 3.09 करोड़, टीडीपी को 2 करोड़, जेएमएम को 1.88 करोड़, आरजेडी को 1.5 करोड़, लोजपा को 1 करोड़ मिले हैं।







