क्या है सीएम योगी का प्लान 61, जिससे धराशाई होंगे बड़े बड़े दिग्गज!

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योगी के 75 सिपहसालार यूपी 2019 मिशन का किला करेंगे फतह

नई दिल्ली, 16 अगस्त 2018: यूपी लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के उद्देश्य से सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्लान 61 तैयार किया है। मेरठ में बीते 11-12 अगस्त को भाजपा उत्तर प्रदेश की कार्यसमिति बैठक के बाद पार्टी के नेता अब चुनावी मोड में जमीन पर पार्टी की बिसात को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। प्लान के इन 61 ‘मंसूबों’ से सूबे 75 मंत्रियों के बल पर भाजपा 73 प्लस के अपने लक्ष्य को पाने की राह प्रशस्त करने में जुटी हुई है।

लोकसभा के चुनाव में यूपी के सियासी महत्व को देखते हुए भाजपा और सीएम योगी ने एक बड़ी कार्ययोजना बनाई है। इसमें सीएम ने नौकरशाहों को धरातल पर काम करने और अपने मंत्रियों को आमजन से जुड़े 61 कामों पर नजर रखकर लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने लखनऊ के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिले का नोडल अधिकारी बनाया है, जिन्हें हर दूसरे हफ्ते में क्षेत्र में जाकर जनता का फीडबैक लेने और इसे सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की ओर से इन अफसरों के लिए 61 बिंदु तय किए गए हैं, जो कि जनता की समस्याओं से जुड़े हुए हैं। अधिकारियों को इन बिंदुओं पर जिलों में हो कार्यप्रगति की समीक्षा करने और प्रशासन के माध्यम से सभी कामों को पुख्ता तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कार्यप्रगति की समीक्षा के आधार पर इन नोडल अधिकारियों को हर चौथे हफ्ते शासन को एक रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है। इन सब के साथ योगी सरकार में सभी प्रभारी मंत्रियों को भी अलग जिम्मेवारी दी गई है।

प्रभारी मंत्रियों को अपने संबंधित जिलों में जाकर नौकरशाहों द्वारा दी जा रही रिपोर्ट की जमीनी हकीकत जांचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विकास योजनाओं खासकर निर्माण कार्यों और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्रियों को इन योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट्स को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट को सरकार द्वारा ‘साफ नीयत सही विकास’ के नारे के साथ बनाई जा रही एक विशेष वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

भाजपा के 73 प्लस के लक्ष्य हासिल करने के लिए जारी किए गए 200 दिन के प्रचार के रोडमैप के साथ पर्वों और जयंतियों पर भी जनाधार बढ़ाने और जन समर्थन हासिल करने का मौका नहीं तलाशेगी। इस क्रम में भाजपा हर त्योहार पर सामाजिक समरसता भोज का आयोजन करेगी। इस भोज को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से समाज के वंचित लोगों के बीच आयोजित किया जाएगा। आरएसएस का समरसता मंच इसके लिए सूबे के हर गांव में सामाजिक केंद्र बनाए खोलेगा। इन केंद्रों पर महीने में दो बार समरसता मिलन और सहभोज के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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