नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव के एक साल पहले वामपंथी पार्टियों की राजनीति शुरु हो चुकी है। इस राजनीति के तहत पट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की मांग करते हुए छह वामपंथी पार्टियों ने बुधवार को यहां संसद मार्ग पर प्रदर्शन किया। माकपा, भाकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी, भाकपा-माले और एसयूसीआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। पेट्रोल एवं डीजल की खुदरा कीमतों में अत्यधिक बढ़ोतरी की निंदा करते हुए वामपंथी पार्टियों ने कहा कि इस बढ़ोत्तरी से आम आदमी की कमर टूट जाएगी और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता वृंदा करात ने कहा,नरेंद्र मोदी सरकार आम लोगों के लिए कुछ नहीं कर रही। वे नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोगों को पैसे चुराकर भागने दे रहे हैं जबकि आम लोगों पर जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का बोझ बढ़ता जा रहा है। वामपंथी पार्टियों ने लोगों का आह्वान किया है कि वे इस समस्या से जमकर लड़ें। पार्टियों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में ‘असामान्य बढ़ोतरी’ से भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा कीमतें दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा हो गई हैं और यह उत्पाद शुल्कों के जरिए केंद्र सरकार द्वारा ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूलने की कोशिश के कारण हुआ है।
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