नई दिल्ली, 25 जुलाई 2018: पिछले कुछ सालों में शिवसेना और बीजेपी के बीच दूरियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। शिवसेना ने मंगलवार को संसद में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीधे तौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। लोकसभा में शिवसेना ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह धनबल के दम पर चुनाव जीतती है। इस दौरान शिवसेना ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं?
लोकसभा में भ्रष्टाचार रोकथाम (संशोधन) विधेयक बिल पर चर्चा के दौरान शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और एक सांसद की तरह प्रचार करना चाहिए। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र में अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने कहा कि सत्तापक्ष की कथनी-करनी में अंतर है।
लोकसभा में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पर चर्चा करते हुए सांसद ने कहा कि नोटबंदी का मकसद आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार पर रोकथाम लगाना था। लेकिन सरकार दिल से बताए कि क्या तीनों में से एक भी कम हुआ।
सावंत ने सभी राजनीतिक दलों में भ्रष्टाचार होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि आज दावा नहीं कर सकता कि उसने चुनाव आयोग की तय पाबंदी के अंदर खर्च करके चुनाव लड़ा हो। सावंत ने बीजेपी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि हाल ही में जितने चुनाव हुए हैं, सत्तापक्ष दिल से कहे कि चुनाव कैसे लड़े गये।
उन्होंने पूछा कि आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की चुनावी सभाओं का खर्च कौन करता है? पार्टी करती है या देश के खजाने से खर्च किया जाता है? शिवसेना सांसद ने कहा कि पार्टी के प्रचार के लिए देश के खजाने का पैसा खर्च करना बहुत अनुचित है। सरकार में सहयोगी दल के सांसद ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा,पहले इन्होंने यह सब किया और आज हम (सरकार) कर रहे हैं।







