मुंबई से अनिल बेदाग की रिपोर्ट : श्री रंग एंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्माता सुदर्शन वैद्य (शंभूभाई) और निर्देशक रॉकी मूलचंदानी एक अनोखी बायोपिक लेकर आ रहे हैं, जो एक सोशल मीडिया सनसनी, राजू कलाकार, के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म का नाम “राजू कलाकार की अनकही कहानी” (अस्थायी) है, जो एक साधारण इंसान के असाधारण सफर को दर्शाएगी।
निर्माता शंभूभाई ने बताया, “यह फिल्म सिर्फ राजू की कहानी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं। राजू ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और कला की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।” निर्देशक रॉकी मूलचंदानी ने कहा, “हमारा उद्देश्य युवाओं को यह संदेश देना है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। राजू की कहानी अनूठी है। दो पत्थरों को वाद्य यंत्र बनाकर उन्होंने ऐसी धुनें रचीं, जिन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया, जिसमें बॉलीवुड के दिग्गज भी शामिल हैं।”

पत्थरों से संगीत तक का सफर
राजस्थान के नागौर के रहने वाले राजू का मुख्य पेशा कठपुतली शो था, जिसमें वे ढोल बजाया करते थे। सीमित संसाधनों के कारण वे गुजरात के सूरत चले गए, जहां उन्होंने छोटे-मोटे काम किए। एक दिन ट्रेन में सफर के दौरान उन्होंने दो पत्थरों को आपस में टकराकर संगीत बनाना शुरू किया और उस कला में महारत हासिल कर ली। उनके जीवन में टर्निंग पॉइंट तब आया, जब एक दोस्त ने उनके पत्थरों से बने संगीत की रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाली। जून में अपलोड हुआ यह वीडियो, जिसमें राजू ने 1995 के गाने बेवफा सनम की धुन पत्थरों पर बजाई, रातोंरात वायरल हो गया। इसे 17.4 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया, 44 लाख लोगों ने शेयर किया और 1.61 करोड़ लाइक्स मिले।
बॉलीवुड का ध्यान और नई ऊंचाइयां
इस वीडियो ने बॉलीवुड के दिग्गजों का ध्यान खींचा। गायक सोनू निगम ने भी राजू की आवाज की सराहना की और उनके साथ टी-सीरीज के लिए गाने का रीमेक बनाया। इसके लिए कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा ने भी उनका साथ दिया। राजू ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी कला को बॉलीवुड में इतना सम्मान मिलेगा। मैं शंभूभाई और रॉकीजी का आभारी हूं कि उन्होंने मेरी कहानी को पर्दे पर लाने का फैसला किया।”
फिल्म की तैयारियां जोरों पर : रॉकी मूलचंदानी ने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है और कलाकारों का चयन जल्द पूरा होगा। शूटिंग इस साल शुरू होने की उम्मीद है। यह फिल्म न केवल राजू की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाएगी, बल्कि कला और मेहनत की ताकत को भी सेलिब्रेट करेगी।







