अरबपति दंपत्ति ने अपनी 3 साल की बेटी को छोड़कर संन्यासी बनने का फैसला किया

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इंदौर 18 सितम्बर। वयक्ति के जीवन में एक समय ऐसा भी आता है जब हर तरह की चीजों से मन उचाट हो जाता है चाहे वह आधुनिक जीवन शैली ही क्यों न हो! आधुनिक चकाचौंध को छोड़ मध्य प्रदेश के नीमच में एक अरबपति दंपत्ति अपनी तीन साल की बेटी को छोड़कर संन्यासी बनने का फैसला किया है। पूरे देश में यह पहला मामला बताया जा रहा है कि जब कोई दंपत्ति अपनी संपत्ति और मासूम बेटी को छोड़कर संन्यास लेने जा रहा है।

संन्यास लेने वाले दंपत्ति अनामिका और उनके पति सुमित राठौर नीमच शहर के एक बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। मिली जानकारी के अनुसार दोनों की शादी चार साल पहले हुई थी और उनकी तीन साल की एक बेटी इभ्या भी है, लेकिन इन सबके बाद भी पति-पत्नी ने मोहमाया त्याग कर संन्यासी जीवन जीने का फैसला किया है। यह दीक्षा 23 सितम्बर को साधुमार्गी जैन आचार्य रामलाल महाराज के सानिध्य में गुजरात के सूरत शहर में होगी।

परिवार के सभी सदस्यों ने दोनों को खूब समझाया, लेकिन दोनों अपने फैसले पर टिके रहे और दीक्षा के लिए रवाना हो गए हैं। खबरों के अनुसार सुमित राठौर लंदन से एक्सपोर्ट इंपोर्ट में डिप्लोमाधारी हैं। दो साल लंदन में जॉब करने के बाद नीमच लौटे और फिर अपना कारोबार को संभाला। वहीं अनामिका भी इंजीनियर हैं । अनामिका हिंदुस्तान जिंक में 8 से 10 लाख के सालाना पैकेज पर नौकरी से शुरुआत की। साल 2012 में शादी के बाद नौकरी छोड़ दी अब पति सुमित के साथ दीक्षा लेने के लिए रवाना हो गई हैं।

इनके फैसले के बाद लोग बच्ची की परवरिश पर सवाल उठा रहे हैं। इस पर दंपत्ति का कहना है आखिर जिनके मां-बाप नहीं होते हैं ,उनके बच्चों की भी परिवार में परवरिश होती है।